धरना स्थल पर लोहे का जाल लगवाकर लाया गया ट्रैक्टर।
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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना लगातार जारी है। सरकार से 10वें दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने अब 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर यात्रा की तैयारियां तेज कर दी हैं। कुंडली बॉर्डर पर कई जगह मेकैनिक स्टॉल लगाकर ट्रैक्टरों की रिपेयर कर रहे हैं। वहीं कई ट्रैक्टरों को सुरक्षा के लिहाज से अलग रूप दिया जा रहा है। कई ट्रैक्टर को बख्तरबंद किया जा रहा है तो कई पर लोहे का जाल लगा रहे हैं। ट्रैक्टर यात्रा में इन्हें आगे रखा जाएगा। ट्रैक्टर यात्रा के दौरान वाटर कैनन व आंसू गैस से बचने की तैयारी की जा रही है।
कुंडली बॉर्डर पर 51 दिनों से डटे किसानों की सरकार के साथ 10 बार वार्ता हो चुकी हैं, लेकिन हर बार वार्ता बेनतीजा रही है। किसान कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग पर अड़े हुए हैं तो सरकार कृषि कानूनों में संशोधन तक को ही तैयार है। ऐसे में लगातार पेंच फंसा हुआ है और किसानों का आंदोलन जारी है। इसी बीच किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर यात्रा निकालने का निर्णय लिया था, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
एक तरफ जहां कुंडली समेत दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर किसानों का लगातार जुटना जारी है तो वहीं, किसान अपने ट्रैक्टरों को यात्रा के लिए तैयार कर रहे हैं। कुंडली बॉर्डर पर कुछ ट्रैक्टरों को बख्तरबंद बनाया जा रहा है। इन ट्रैक्टरों पर केबिन लगवाए गए हैं, जिसमें शीशे भी लगे हैं। किसानों ने बताया कि यह ट्रैक्टर अग्रिम पंक्ति में चलेंगे जबकि इनके पीछे दूसरे सभी ट्रैक्टर चलेंगे। ट्रैक्टर यात्रा के दौरान सरकार द्वारा आंसू गैस व वाटर कैनन का इस्तेमाल किए जाने की आशंका के कारण इस तरह की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही लाठीचार्ज होने पर स्वयं को बचाने के लिए किसानों ने ट्रैक्टरों पर लोहे के जाल लगवाने शुरू कर दिए हैं। जिससे वह लाठियों से बच सके। इतना ही नहीं कुछ किसानों ने पूरे ट्रैक्टर पर लोहे के एंगल लगवा लिए हैं। जिससे लाठीचार्ज में उनका ट्रैक्टर भी क्षतिग्रस्त होने से बच सके।
डीजल का किया जा रहा स्टॉक
किसानों ने बताया कि वह हर तरह से तैयार हैं और ट्रैक्टर यात्रा के लिए डीजल तक का स्टॉक कर रहे हैं। एक ट्रैक्टर पर 3 से 6 किसान ही मौजूद रहेंगे जबकि महिलाओं को भी ट्रैक्टर यात्रा में शामिल किया गया है। सभी रणनीति तैयार की जा चुकी हैं और हर रणनीति की बारीकियों से एक-दूसरे को अवगत करवाया जा रहा है।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर ने दिया किसानों को समर्थन
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर के पदाधिकारी शनिवार को किसानों को समर्थन देने के लिए कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों के पक्ष में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार को नसीहत दी कि किसानों की मांगों को तुरंत प्रभाव से पूरा किया जाए। फेडरेशन के प्रमुख जसवंत राय ने कहा कि सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। किसान यहां से पीछे हटने वाले नहीं हैं बल्कि अपना हक लेकर ही लौटेंगे।