सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग के लिए धरना दे रहे किसानों के समर्थन में महिलाएं भी लगातार आ रहीं हैं। किसान आज धरनास्थलों पर महिला किसान दिवस मनाएंगे। जिसके चलते पंजाब से सरकारी विभागों में कार्यरत महिलाएं भी छुट्टी लेकर धरना स्थल पर पहुंची हैं। उनका कहना है कि वह किसानों के साथ खड़ी हैं।
सोमवार को महिला किसान दिवस पर महिलाएं न केवल मंच संचालन करेंगी बल्कि क्रमिक भूख हड़ताल में भी हिस्सा लेंगी। इसके अलावा महिलाओं के अलग-अलग जत्थे सरकार के प्रतिनिधियों के आवासों का घेराव करेंगे। महिलाओं ने इसके लिए बाकायदा तैयारी कर ली है। रविवार को एक तरफ जहां पंजाब से सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियों व गाड़ियों में महिलाएं कुंडली धरने पर पहुंची तो वहीं, हरियाणा के विभिन्न गांवों से महिलाओं के जत्थे बार्डर पर पहुंचे। महिलाओं ने यहां न केवल लंगर सेवा की जिम्मेदारी में भागीदारी बढ़ा दी है बल्कि प्रदर्शन में भी बढ़चढ़ कर भाग ले रही हैं।
मैं सरकारी विभाग में कार्यरत हूं। महिला किसान दिवस पर किसानों के समर्थन में छुट्टी लेकर पहुंची हूं। किसान अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। सरकार को उनकी मांग माननी ही होगी।
डा.रमनदीप कौर।
महिला किसान दिवस में भाग लेने के लिए पहुंची हूं। मैं शिक्षक हूं और छुट्टी लेकर किसानों की मदद को आई हूं। महिलाएं आज आंदोलन के हर प्रारूप की अगुवाई करेंगी। यह उनकी सरकार को चेतावनी होगी।
सुखविंद्र कौर।
मैं किसानों का समर्थन करने उनके बीच पहुंची हूं। किसानों की मांग जायज है और उन्हें हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। किसान को आतंकवादी कहना सबसे बुरा है। सरकार को उनकी मांग पूरी करनी चाहिए।
समनजीत कौर
दहिया खाप लगातार समर्थन में डटी
किसानों के आंदोलन को दहिया खाप लगातार समर्थन दे रही है। किसानों के बीच बैठे सिसाना के पूर्व सरपंच कृष्ण दहिया, चांद पहलवान व रणदीप दहिया ने बताया कि किसान अपना हक लेकर ही जाएगा। सरकार को समझ लेना चाहिए कि किसान से ही देश का पेट भरता है। किसान ही अन्न उगाता है। किसान 26 जनवरी को अपना आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे। इसे रोकने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
51 किलोमीटर दौड़कर किसानों को समर्थन देने आए युवा
गांव पिनाना से युवा करीब 51 किलोमीटर दौड़ लगाकर कुंडली बॉर्डर धरना स्थल पर अद्र्धनग्न होकर पहुंचे और अपना समर्थन दिया। किसान रामनिवास व दीपक ने बताया कि युवाओं का जोश सभी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। युवा पैदल दौड़ते हुए धरना स्थल पर पहुंचे हैं। अब आंदोलन में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है।