सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ओपीडी में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों को सुविधाएं नहीं मिलने के कारण लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ तीन दिन से छुट्टी पर गए हुए हैं। वहीं ओपीडी पर्ची बनाने के लिए चार की जगह केवल दो ही काउंटर खोले जा रहे हैं। मरीजों व उनके तीमारदारों की तरफ से शिकायत करने के बावजूद सुविधाओं को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को अमर उजाला की टीम ने व्यवस्थाओं को देखा तो वहां स्थिति ठीक नहीं मिली।
अस्पताल में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों को शुरुआत में परेशानी झेलनी पड़ती है। जहां ओपीडी पर्ची बनाने के लिए चार काउंटर बनाए गए है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर दो ही काउंटर खोले जाते हैं। एक महिला व एक पुरुष के लिए खिड़की खोली जाती है। बुजुर्गों के लिए भी अलग से खिड़की नहीं खोली जाती है और उनको भी उन्हीं लाइन में लगना पड़ता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से काउंटर होते हुए भी उस पर किसी कर्मचारी को नहीं बैठाया जा रहा।
अस्पताल में सफाई व्यवस्था बिगड़ी
अस्पताल में सोमवार को सफाई कर्मचारियों के हड़ताल करने पर भी सफाई व्यवस्था ठप रही। ओपीडी परिसर व अन्य वार्डों में कूड़ा पड़ा रहा। ओपीडी में आने वाले मरीजों को मलबे से गुजरकर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं अस्पताल में तीन दिन से हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन दलाल छुट्टी पर हैं। ऐसे में यहां इलाज कराने के लिए आने वाले हड्डी के मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण उन्हें लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ओपीडी में गर्मी के बीच मरीजों की लगातार भीड़ बढ़ रही है। सोशल डिस्टेंस का पालन तक नहीं किया जा रहा।
लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए डेढ़ घंटे से अस्पताल में लाइन में खड़ा हुआ। मात्र दो काउंटर खोले जाने की वजह से अभी तक पर्ची नहीं बन पाई है। पहले ही लाइन में लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर रहे और गर्मी में लाइन में पर्ची बनवाने के लिए खड़ा होना मुश्किल हो गया है।
- यतिंद्र कुमार, निवासी राई
पिछले एक सप्ताह में मेरे पैर में सूजन है। इसके कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। तीन दिन से अस्पताल के लगातार चक्कर काट रहा हूं। लेकिन अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर जाने की वजह से इलाज शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में पैर का इलाज कराने के लिए समस्या बढ़ गई है।
- अरुण कुमार, निवासी महलाना रोड
अस्पताल प्रबंधन की ओर से सफाई व्यवस्था की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। यहां उपचार के लिए चिकित्सक तैनात है, लेकिन ओपीडी परिसर में सुबह 11 बजे तक मलबे का उठान तक नहीं हो पाया है। ऐसे में मरीजों को मलबे के ऊपर से गुजरना पड़ रहा है।
- नेत्रपाल, निवासी गांव पांची
अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार को ध्यान देना चाहिए। ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए चार काउंटर में से दो ही खोले जा रहे है। ऐसे में पर्ची बनवाने वालों की लंबी लाइन लगने से देरी से नंबर आ रहा है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
- दयानंद, निवासी न्यू साईंपुरम
वर्जन
ओपीडी में छत की रिपेयरिंग के लिए मलबा पड़ गया। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से समय पर सफाई नहीं हो सकी। ओपीडी पर्ची के काउंटरों को जल्द बढ़ा दिया जाएगा। इसके बाद पर्ची बनवाने के लिए लोगों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- डॉ. जयभगवान जाटान, पीएमओ जिला नागरिक अस्पताल