फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूध न गर्म करने पर की थी शिष्य की हत्या, बाबा को उम्रकैद

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने गांव रिढ़ाना के डेरा बाबा सबरंगी में शिष्य की हत्या करने के मामले में आरोपी बाबा कर्म गिरि को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। बाबा ने दूध गर्म न करने पर शिष्य की डंडा मारकर हत्या कर दी थी।
विज्ञापन

गांव दुभेटा निवासी राजेंद्र ने 16 नवंबर, 2017 को पुलिस को बताया था कि उसका भाई सत्यवान करीब तीन साल पहले बाबा बना था। उसने अपना नाम शनि गिरि महाराज रखा था। वह करीब तीन साल से गांव रिंढाणा स्थित डेरा बाबा सबरंगी में रह रहा था। वहां उसके गुरु कर्म गिरि महाराज थे। 13 नवंबर, 2017 की रात को शनि गिरि महाराज की हत्या कर दी गई थी और सुबह उसके शव को डेरे के भवन के निकट ही दफना दिया था। शनि गिरि महाराज के भाई राजेंद्र को इस बारे में पता चल गया और पुलिस को शिकायत की। 16 नवंबर 2017 की शाम को पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन अंधेरा होने के चलते शव नहीं निकाला गया।
पुलिस ने राजेंद्र के बयान पर बाबा कर्म गिरि के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। 17 नवंबर 2017 को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तत्कालीन नायब तहसीलदार हवा सिंह पूनिया की मौजूदगी में शनि गिरि महाराज के शव को निकाला गया था। पुलिस ने मामले में बाबा कर्म गिरि को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में पता चला कि 13 नवंबर 2017 को गुरु व शिष्य में दूध गर्म न करने पर कहासुनी हुई थी। इस पर गुरु ने शिष्य पर डंडे से हमला कर दिया था और उसकी हत्या कर शव को डेरे के भवन के निकट ही दफना दिया था। मामले में पुलिस ने गांव के दो युवकों को भी गिरफ्तार किया था। उन पर गड्ढा खोदने व शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए दफनाने का आरोप था।
विज्ञापन

वीरवार को एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने बाबा कर्म गिरि को दोषी करार दिया है। कर्म गिरि को उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया है। मामले में आरोपी दो अन्य ग्रामीणों को बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें