दहिया खाप के नवनियुक्त प्रधान जयपाल दहिया ने कहा कि सामाजिक त्रुटियों को दूर करके बेहतर संदेश देने का काम दहिया खाप की तरफ से किया जाएगा। स्थानीय पंचायत का उद्देश्य यही होता है कि सामाजिक सद्भाव के साथ सभी लोगों को एक साथ लेकर चलें। ऐसे में दहिया खाप पूरी निष्ठा के साथ अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेगी।
प्रधान जयपाल दहिया ने कहा कि उन्हें दहिया खाप के चबूतरे पर सर्वसम्मति से प्रधान बनाया गया है। विवाद को खत्म करने के लिए छह बार पंचायत हो चुकी थी, ऐसे में उन पर खाप की अगुवाई करने की जिम्मेदारी मौजिज लोगों द्वारा सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि शादी-ब्याह व अन्य हर्ष समारोह में हथियार लेकर आने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही दहेज प्रथा को जड़ से खत्म करने का एक अभियान खाप चलाएगी। जिसे लेकर दहिया खाप प्रदेश में एक संदेश देगी। इसे लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मुलाकात की जाएगी।
खाप के दो प्रधानों के सवाल पर उन्होंने कहा मामले को अब सुलझा लिया गया है, वह दहिया खाप का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं इस दौरान हवा सिंह ने कहा कि कई दौर की पंचायत विवाद को खत्म करने को लेकर हो चुकी थी, लेकिन दूसरा पक्ष नहीं माना तो अब एक समिति बनाकर दूसरे प्रधान से बात की जाएगी। इस दौरान राजेंद्र दहिया, संदीप दहिया, कृष्ण गढी सिसाना, रामकंवार, केहर सिंह, पालेराम, प्रधान सतीश, नरेश, महेंद्र, सूबेदार, जयपाल, पप्पू पहलवान, जयसिंह, रामरूप साध, प्रेम सिंह, बलगानंद, अरविंद दहिया, जीतराम, पं. रामधन आदि मौजूद रहे।
निज हित के लिए खाप प्रधान नियुक्त किए जा रहे
दूसरी तरफ प्रधान सुरेंद्र दहिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कुछ लोग विवाद को खत्म ही नहीं करना चाहते हैं। इस मुद्दे पर विवाद को खत्म करना ही प्राथमिकता होनी चाहिए थी। ऐसे में कुछ लोगों द्वारा ही नए प्रधान को मनोनीत कर दिया गया है। अगर लोग संयम बरतते तो अगले 15 दिनों में विवाद सुलझ जाता, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया गया। मामला अगर ज्यादा ही उलझा हुआ लग रहा था तो छोटी पंचायत की बजाए इसे बड़ी पंचायत में रखकर सुलझाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर नाराजगी है कि परंपरा से हटकर अब निजी हित के लिए खाप प्रधान नियुक्त किए जा रहे हैं।
मौजिज लोगों के साथ प्रेसवार्ता करते नव नियुक्त खाप प्रधान जयपाल दहिया। संवाद- फोटो : Sonipat