हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने एक कोरियर कंपनी के चालक-क्लीनर को बंधक बनाकर कैंटर और सामान लूटने के मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को दस-दस साल की कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
नई दिल्ली के गौतमनगर निवासी दीदार सिंह ने 26 सितंबर 2016 को पुलिस को बताया था कि उसने अपने कैंटर को एक कोरियर कंपनी में लगा रखा है। उसके कैंटर पर उत्तर प्रदेश के जिला हापुड़ के गांव छज्जुपुर निवासी रामकुमार चालक व दिल्ली के बदरपुर स्थित सौरव विहार का रहने वाला विक्की क्लीनर है। दोनों दिल्ली से कैंटर में कोरियर का सामान भरकर 25 सितंबर 2016 की रात को पंजाब के लुधियाना के लिए चले थे।
रात करीब एक बजे जब वह बड़ी के पास पहुंचे तो इसी दौरान बोलेरो (चार पहिया वाहन) सवार युवकों ने उनके कैंटर को रुकवा लिया था। बोलेरो सवार बदमाश क्लीनर व चालक को पीपलीखेड़ा रोड पर सुनसान स्थान पर पेड़ से बांध गए थे और कैंटर लेकर भाग गए थे। पुलिस ने लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने कैंटर को लावारिस हालत में बरामद किया था।
जिसमें से सामान गायब था। बाद में पुलिस ने झज्जर के गांव बागपुर निवासी बिजेंद्र, वजीरपुरा फिलहाल दिल्ली के आंबेडकर कॉलोनी निवासी जयकंवार, दिल्ली के आंबेडकर कॉलोनी निवासी हेमंत व कालीचरण उर्फ कलवा तथा दिल्ली के ढांसा जफरपुर निवासी अमित को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने उनसे सामान, नकदी, मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त बोलेरो गाड़ी को बरामद किया था। मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे अजय पराशर की अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने पांचों दोषियों को दस-दस साल की कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।