हरियाणा के सोनीपत में जहरीली शराब बेचने के मुख्य आरोपी को सीआईए-1 की टीम ने सोमवार रात करीब डेढ़ साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सेक्टर-23 निवासी सुमित है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वह आबकारी विभाग से आवंटित शराब ठेके पर जहरीली शराब की बिक्री कर रहा था। उसके ठेके से पुलिस ने नवंबर 2020 में 540 बोतल नकली शराब बरामद की थी।
नवंबर 2020 में जिले में जहरीली शराब की सप्लाई की गई थी। गांव नैना तारपुर की अवैध शराब फैक्टरी से नकली शराब की सप्लाई जिलेभर में की जा रही थी। केमिकल ज्यादा डाले जाने के कारण शराब जहरीली हो गई थी। इससे जिले में कई लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य की हालत बिगड़ गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि इस शराब की शहर में सप्लाई सेक्टर-23 के ठेके से हुई है।
ठेका बैंयापुर के ठेकेदार सतपाल और सेक्टर-23 के रहने वाले सुमित के साझे में था। पुलिस ने ठेके पर रात को छापा मारकर जहरीली शराब की 540 बोतल बरामद की थी। इस शराब को पीकर मरने वालों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीले रसायन मिथाइल पैराथिआन की मौजूदगी पाई गई थी।
पुलिस ने सतपाल ठेकेदार को उसी समय गिरफ्तार कर लिया था। सुमित राठी का भाई अमित राठी शहर में जहरीली शराब की सप्लाई करता था। पुलिस ने उसको भी पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जबकि सुमित राठी भाग गया था। अब उसे सीआईए की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
शहर के इंडियन कॉलोनी, मयूर विहार, शास्त्री कॉलोनी, श्यामनगर, गुमड़ गांव आदि क्षेत्रों में नवंबर 2020 में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने नैना ततारपुर में एक मकान के अंदर जहरीली शराब की फैक्टरी पकड़ी थी। वहां पर केमिकल रखे हुए मिले थे। वहां से काफी सामान बरामद किया था।
सीआईए की पूछताछ में आरोपी सुमित राठी ने बताया कि वह ठेकेदार व सप्लायर अपने भाई अमित के साथ मिलकर नकली शराब को मयूर विहार, शास्त्री कॉलोनी, हनुमान नगर, इंडियन कॉलोनी व गढ़ी ब्राहमणान में सप्लाई करते थे। उसके खिलाफ नौ मामले दर्ज हैं। आरोपी घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए दिल्ली, राजस्थान व गुवाहाटी में छिपता रहा। अब मामला शांत हो जाने पर यहां आया तो पकड़ा गया।
शराब ठेके पर रखकर नकली-जहरीली शराब की बिक्री करने का मुख्य आरोपी सुमित राठी गिरफ्तार कर लिया गया है। वह नवंबर, 2020 से भागा हुआ था। -इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, प्रभारी, सीआईए-वन