हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने गोली लगने से युवक की मौत के मामले में आरोपी को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को दस साल की कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।
कालूपुर निवासी सोमबीर (22) को 23 सितंबर, 2019 को गोली लगने के बाद कई युवक अस्पताल में लेकर पहुंचे थे। युवक उसे आपातकालीन कक्ष के बाहर छोड़कर भाग गए थे। चिकित्सक ने उसे देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। सोमबीर को कंधे के पास बाजू में गोली लगी थी।
युवक के पास से मिले दस्तावेज के आधार पर उसकी पहचान हुई थी। सूचना पाकर सोमबीर की मां चंद्रवती व साथी अस्पताल में पहुंचे थे। सोमबीर अपने पिता के साथ ट्रक चलाता था। घटना के समय वह सोनीपत में था, जबकि उसका पिता किसी अन्य प्रदेश में ट्रक लेकर गया था।
उसकी मां ने अनुज व अन्य पर उसके बेटे की हत्या का आरोप लगाया था। उसने पुलिस को बताया था कि अनुज के साथ उसके बेटे का झगड़ा हुआ था। जिसमें उसे धमकी दी गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि सोमबीर व उसके कई साथियों ने कालूपुर क्षेत्र में कमरा किराए पर ले रखा था।
वहां कई बार सभी एकत्रित होते थे। गोली उसकी कमरे में लगी थी। पुलिस ने मामले में जांच करने के बाद मामले में मूलरूप से तेवड़ी फिलहाल वेस्ट रामनगर के राहुल उर्फ ताऊ के साथ ही विकास नगर के सचिन, लहराड़ा के सत्यवान व विकास नगर के सुनील को गिरफ्तार किया गया था। तब पुलिस जांच में अनुज की संलिप्तता नहीं मिली थी। पुलिस ने राहुल के घर भूसे के अंदर से रिवाल्वर व कारतूस बरामद किया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे डॉ.संजीव आर्य की अदालत ने राहुल को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। अदालत ने राहुल को दस साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने सचिन, सुनील व सत्यवान को बरी कर दिया।