पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना दिल्ली पुलिस के सिपाही के गैंग से 200 से अधिक युवा जुड़े हैं। मामले में 14 परीक्षाओं में गड़बड़झाला कुबूल किया जा चुका है। गैंग के जरिये नौकरी लगे युवाओं को भी एसटीएफ चिह्नित कर रही है।
पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना की गिरफ्तारी के बाद सोनीपत(हरियाणा) एसटीएफ अब उसके साथियों की तलाश में जुट गई है। टीम आरोपी को लेकर मध्यप्रदेश में गई है। वहां उसके साथियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। कंप्यूटर हैक कर युवाओं को नौकरी लगवाने वाले गैंग के सरगना रोबिन से पुलिस को काफी जानकारी हाथ लगी है। इसके बाद एसटीएफ अब ऐसे युवाओं को चिह्नित करने में जुटी है, जो रोबिन के जरिये नौकरी पर लगे हैं।
एसटीएफ ने पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना गांव शामड़ी निवासी रोबिन को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया है। दिल्ली पुलिस में सिपाही रोबिन आठ साल से गैंग चला रहा है। वह ऑनलाइन परीक्षा में किराये पर लैब लेकर कंप्यूटर स्क्रीन हैक कर गड़बड़झाला करता था। गैंग की देशभर में 17 लैब हैं, जिनमें अकेले सोनीपत की पांच लैब शामिल हैं।
एसटीएफ सोनीपत प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि आरोपी के कई साथी मध्यप्रदेश में हैं। वहां उसने कई युवाओं को नौकरी भी दिलवाई है। पुलिस टीम अब उसे साथ लेकर मध्यप्रदेश गई है, जहां पर उसके साथियों का पता लगाया जाएगा। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मध्यप्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र तक युवाओं को नौकरी लगवाया है। पुलिस 14 पेपरों के लीक मामले में आरोपी से पूछताछ कर रही है।