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पेपर सॉल्वर गैंग: 12 लैब में हिस्सेदार बिजली निगम का क्लर्क गिरफ्तार, मुख्य हैकर को प्रोडक्शन वारंट पर लाई एसटीएफ

Sun, 27 Feb 2022 02:51 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

इस मामले में अब तक 24 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। एसटीएफ ने भिवानी के गांव मंढ़ाणा के सचिन को भिवानी से गिरफ्तार किया। पलवल के गांव अतरचटा के राज सिंह उर्फ राज तेवतिया उर्फ काली को प्रोडक्शन वारंट पर लिया। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।  - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पेपर सॉल्वर गैंग की 12 लैब में हिस्सेदार बिजली निगम के क्लर्क को एसटीएफ सोनीपत ने गिरफ्तार किया है। साथ ही टीम मामले में मुख्य हैकर को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। मुख्य हैकर पलवल के गांव अतरचटा का रहने वाला राज सिंह उर्फ राज तेवतिया उर्फ काली व पेपर सॉल्व लैब में हिस्सेदार भिवानी के गांव मंढ़ाणा का सचिन है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर राज सिंह को सात व सचिन को पांच दिन के रिमांड पर लिया है।

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एसटीएफ सोनीपत प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि पानीपत में दर्ज पेपर लीक मामले में आरोपी सचिन को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही मुख्य हैकर राज सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है। वह दिल्ली में गिरफ्तार किया जा चुका था। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम था।

उसके खिलाफ करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं बिजली निगम में क्लर्क सचिन पेपर सॉल्वर गैंग के मुख्य सरगना रोबिन का साथी है। वह वर्ष 2015 से इसके साथ जुड़ा है और फिलहाल पंचकूला में नियुक्त था। उसने 12 लैब में अपना हिस्सा डाल रखा था। आरोपियों का जाल हरियाणा के साथ ही पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में फैला है।
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दोनों को 6 अक्तूबर, 2021 को पानीपत के सेक्टर-13/17 थाना में पानीपत के सुरक्षा शाखा प्रभारी प्रमोद के बयान पर दर्ज मुकदमे में पकड़ा गया है। जिसमें बाद में करीब 14 पेपर सॉल्व करने का मामला सामने आया था। 

इस मामले के आरोपी हैकिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से पैसे लेते हैं। यह गिरोह वर्ष 2013 से चल रहा है। इस मामले के सरगना दिल्ली पुलिस के सिपाही रोबिन को पुलिस पहले काबू कर चुकी है। वहीं पांच दिन पहले सीबीआई के निलंबित एलडीसी दिशांत को काबू किया गया था।

अब गिरफ्तार किया गया सचिन इस गिरोह से वर्ष 2015 से जुड़ा है और मुख्य हैकर राज सिंह इनसे वर्ष 2017 में जुड़ा था। राज सिंह एक बार लैब हैक करने के 40 लाख रुपये लेता था। वह रूस में अपने साथियों संग मिलकर पूरी लैब को हैक करता था। इसमें से 20 लाख रुपये रूस में बैठे साथियों को देता था। वहीं सचिन ने 12 लैब में हिस्सा डाल रखा था।

आरोपी कई विभागों की परीक्षा पास करवाने की एवज में तीन लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक लेते थे। शुरुआती पूछताछ में पता लगा है कि राज सिंह ट्रैवल एजेंट था। पांच साल पहले गोवा घूमने के दौरान उसकी पहचान रूस की नतानिया से हुई थी। उसके माध्यम से वह रूस में बैठे हैकर के संपर्क में आया था। वहीं सचिन दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हुए रोबिन गैंग से जुड़ा था।   

एसटीएफ ने पेपर लीक मामले में बिजली कर्मी सचिन को गिरफ्तार किया है। उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया है। मामले में मुख्य हैकर राज सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। इनके कई साथी पुलिस की रडार पर है। उन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा। रूस में बैठे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विदेश मंत्रालय में आवेदन किया जाएगा। उसके बाद टीम को रूस भेजा जाएगा। - इंस्पेक्टर सतीश देशवाल, प्रभारी एसटीएफ सोनीपत

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