पेपर सॉल्वर गैंग के सदस्य अभ्यर्थियों का डाटा कोचिंग सेंटर संचालकों से लेते थे। हरियाणा के सोनीपत में एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि डाटा लेने के बाद वह पेपर पास कराने का सौदा करते थे। एसटीएफ की जांच में करीब आठ कोचिंग सेंटर की जानकारी सामने आई है। अब टीम उनकी भूमिका की जानकारी जुटाएगी। साथ ही एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपी बिजली निगम के कर्मी व मुख्य हैकर को लेकर राजस्थान व यूपी में दबिश दी है।
एसटीएफ सोनीपत प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि पानीपत में दर्ज पेपर लीक मामले में टीम ने भिवानी के गांव मंढ़ाणा के सचिन को गिरफ्तार किया था। साथ ही पलवल के गांव अतरचटा के राज सिंह उर्फ राज तेवतिया उर्फ काली को प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। दोनों को 6 अक्तूबर, 2021 को पानीपत के सेक्टर-13/17 थाना में पानीपत के सुरक्षा शाखा प्रभारी प्रमोद के बयान पर दर्ज मुकदमे में पकड़ा गया है।
बाद में करीब 14 पेपर सॉल्व करने का मामला सामने आया था। इस मामले के आरोपी हैकिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से पैसे लेते हैं। यह गिरोह वर्ष 2013 से चल रहा है। इस मामले के सरगना दिल्ली पुलिस के सिपाही रोबिन को पुलिस पहले काबू कर चुकी है। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि आरोपी कोचिंग सेंटर संचालकों से मिलकर अभ्यर्थियों का पता लगाते थे।
आरोपियों से पूछताछ में पता लगा है कि कोचिंग सेंटर संचालक उन्हें कोचिंग लेने वाले विद्यार्थियों का डाटा देते थे। इसके बाद वह उनसे संपर्क करते थे। उनसे पता लगाया जाता था कि उन्होंने किस नौकरी के लिए फार्म भरा है। उसके बाद पेपर पास कराने के नाम पर उनसे सौदा किया जाता था।
नौकरी व वेतन के अनुसार तीन लाख से 10 लाख रुपये में सौदा किया जाता था। ऐसे डाटा देने वाले करीब आठ कोचिंग सेंटर के नाम एसटीएफ को पता लगे हैं। अन्य के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जिन कोचिंग सेंटर के नाम पता लगे हैं उनसे पूछताछ की जाएगी। उनकी भूमिका का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों को साथ लेकर राजस्थान व यूपी में दबिश
एसटीएफ मामले में गिरफ्तार आरोपी सचिन व राजसिंह को साथ लेकर यूपी व राजस्थान में दबिश दे रही है। टीम ने राजस्थान के बीकानेर व जयपुर और यूपी के आगरा में दबिश दी है। पुलिस उनके साथियों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही अन्य सुबूत जुटा रही है।
पेपर सॉल्व मामले में जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी कोचिंग सेंटर संचालकों से अभ्यर्थियों का डाटा प्राप्त करते थे। ऐसे आठ सेंटर संचालकों की जानकारी मिली है। उनकी भूमिका का पता लगाया जाएगा। साथ ही आरोपियों के साथियों का पता लगाने व अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। - इंस्पेक्टर सतीश देशवाल, प्रभारी एसटीएफ सोनीपत