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पेपर सॉल्वर गैंग: खुद पांच-पांच लाख रुपये देकर पास किया पेपर, अब 12 से 14 लाख में कर रहे थे सौदा

Mon, 21 Mar 2022 09:48 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

अतुल ने वर्ष 2017 में पांच लाख देकर परीक्षा पास कर सीपीडब्ल्यूडी में नियुक्ति प्राप्त की थी। आकाश ने भी पांच लाख रुपये दिए थे। गिरफ्तार मुख्य आरोपियों के मोबाइल डाटा में पांचों का रिकॉर्ड मिला तो एसटीएफ ने दबोचा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा में पेपर सॉल्वर गैंग पर एसटीएफ ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसटीएफ के हत्थे चढ़े पांच आरोपियों में से दो खुद भी पांच-पांच लाख रुपये देकर अपनी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। इतना ही नहीं अब वह गैंग से जुड़कर उनके लिए अभ्यर्थी लेकर आते थे। इसके लिए वह 12 से 14 लाख रुपये तक में सौदा करने लगे थे। अब एसटीएफ उनसे जुड़े साथियों की तलाश में जुट गई है। 

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एसटीएफ ने गांव पिपली निवासी अतुल, पवनजीत, आकाश और रवि दहिया तथा रोहतक के गांव नौनंद का अभय को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह गैंग के गुर्गे निलंबित सीबीआई कर्मी दिशांत के माध्यम से गैंग के संपर्क में आए। अतुल ने दिशांत से मिलकर वर्ष 2017 में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की परीक्षा पास की थी और वह दिल्ली के रोहिणी में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के रूप में नियुक्त है।

आकाश ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की तरफ से आयोजित कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) की परीक्षा उत्तीर्ण की है। उसे अभी नियुक्ति का इंतजार था। दोनों ने ही इसके लिए पांच-पांच लाख रुपये में सौदा किया था।
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उसके बाद वह दिशांत के माध्यम से गैंग से जुड़ गए। आरोपी अन्य की परीक्षा पास कराने के लिए उनके साथ सौदा करने लगे। आरोपी नौकरी में पद व वेतन के अनुसार 12 से 14 लाख रुपये तक में सौदा करता था। इसके लिए उन्हें कमीशन दिया जाता था। 

मोबाइल डाटा में मिला बातचीत का रिकॉर्ड 
एसटीएफ के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डाटा को खंगाला तो पांचों से उनकी बातचीत का रिकॉर्ड मिला था। जांच करने पर दो युवकों के खुद का पेपर पास कराने व बाद में तीन अन्य साथियों संग गैंग से जुड़ने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सुबूत मिलने पर पांचों को गिरफ्तार किया गया। 

कोचिंग सेंटर से लेकर अपने परिचितों तक से करते थे संपर्क
एसटीएफ प्रभारी का कहना है कि आरोपी गैंग के लिए अभ्यर्थी जुटाने को कोचिंग सेंटर से संपर्क रखते थे। इतना ही नहीं अपने परिचितों के माध्यम से भी अभ्यर्थियों का पता लगाते और उनकी परीक्षा पास कराने का सौदा करते थे। ऐसे में आरोपी लगातार संपर्क बढ़ा रहे थे। 

एसटीएफ की रडार पर अभी सैकड़ों 
एसटीएफ प्रभारी सतीश देशवाल ने बताया कि मामले में एसटीएफ अब तक 35 आरोपियों का गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही सैकड़ों लोगों की संलिप्तता का पता लग चुका है। सभी आरोपी एसटीएफ की रडार पर हैं। उनके बारे में सुबूत जुटाए जा रहे हैं। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इतना ही नहीं टीम रूस में बैठे इनके साथियों तक पहुंचने का भी प्रयास कर रही है।

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