गन्नौर थाना क्षेत्र के गांव में माता-पिता के पास पीड़िता किराये पर रहती थी। पड़ोस में किराये पर रहने वाला जींद का युवक बच्ची को बहकाकर अपने साथ ले गया था। अदालत ने दोषी पर 60 हजार रुपये जुर्माना भी किया, जिसमें से 50 हजार पीड़िता को देने के आदेश हैं।
हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने 12 साल की बच्ची को बहकाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए दोषी को 20 साल की कैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले व्यक्ति ने 27 जनवरी, 2020 को गन्नौर थाना पुलिस को बताया कि वह गन्नौर के गांव में किराये पर रहता है। उनके पड़ोस में ही जींद के सफीदों के एक गांव का रहने वाला अमित भी किराये पर रहता है। उसने बताया था कि 24 जनवरी, 2020 को वह मजदूरी करने के लिए चला गया था। उसकी पत्नी दिन के समय दवाई लेने के लिए चिकित्सक के पास गई थी। उसकी 12 साल की बेटी घर पर अकेली थी।
जब उसकी पत्नी आई तो उसकी बेटी लापता थी। जिस पर उन्होंने उसकी तलाश की, लेकिन सुराग नहीं लगा। उन्होंने शक जताया था कि अमित उनकी बेटी को बहकाकर ले गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 28 जनवरी, 2020 को बच्ची को बरामद कर लिया था।
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उसने बताया था कि पड़ोस में रहने वाला अमित उसे लड्डू खिलाने के बाद बहकाकर बाइक पर ले गया था। उसने उसे एक कमरे में रखकर तीन दिन तक कई बार दुष्कर्म किया। बाद में पुलिस ने उसे बरामद कर लिया था। पुलिस ने मामले में दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए 29 जनवरी, 2020 को पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर लिया था। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने अमित को दोषी करार देते हुए अमित को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं भादंसं की धारा 363 में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर उसे एक साल अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं जुर्माना अदा करने पर उसमें से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।