हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में मेडिकल स्टोर संचालक को 20 साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में 60 हजार रुपये पीड़ित किशोरी को देने के आदेश दिए हैं।
रोहतक के गांव की रहने वाली युवती ने 28 मई, 2020 को गन्नौर थाना पुलिस को बताया था कि उसकी बहन गन्नौर थाना क्षेत्र के गांव में शादीशुदा है। वह 28 मई को अपनी बहन के घर आई थी। उसने देखा कि उसकी 14 वर्षीय भांजी गुमसुम बैठी थी। पूछने पर भांजी ने बताया कि उनके पड़ोस में मेडिकल स्टोर चलाने वाला पानीपत के गांव मांडी के जितेंद्र ने उसके साथ गलत काम करता है।
उसने बताया कि वह सालभर में छह-सात बार उससे गलत काम कर चुका है। किशोरी ने मौसी को बताया था कि वह मेडिकल स्टोर पर जाती तो वह उससे छेड़खानी करता था। वह उसे चाकू दिखाकर डराता था कि उसकी बात नहीं मानी तो वह उसके माता-पिता को मार देगा। आरोपी उसे कोई नशे की दवा देता था।
वह कहता था कि दवा को चाय या सब्जी में मिलाकर अपने घर वालों को खिला देना। उसके बाद वह रात को फोन कर पूछता था कि उसने गोली खिला दी है या नहीं। जब वह गोली खिलाने की बात कहती थी तो वह उनके घर आकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। जिसके बाद महिला ने पुलिस को बताया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने जितेंद्र को दोषी करार दिया है। मंगलवार को अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कैद व 50 हजार रुपये, 10 पॉक्सो एक्ट में पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 452 में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, 506 में तीन साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, 328 में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, 201 में तीन साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में 60 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं। सभी सजा एक साथ चलेंगी। वहीं जुर्माना न देने पर 27 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।