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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते का डीईओ कार्यालय पर छापा, पदोन्नत हुए 37 प्राचार्यों में से सिर्फ एक मिला उपस्थित

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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को कार्यरत कर्मचारियों का रिकॉर्ड दिखातीं जिला शिक्षा अधिकारी प्रोमिला - फोटो : Sonipat
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने बुधवार सुबह शहर के सेक्टर-14 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर छापा मारा। सुबह सवा नौ बजे डीईओ कार्यालय पहुंची मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम को कार्यालय में केवल 50 फीसदी स्टाफ ही उपस्थित मिला। कार्यालय पर छापे का पता लगने पर सुबह 10 बजे तक कर्मचारी कार्यालय पहुंचे। उसके बाद भी चार कर्मचारी गैरहाजिर रहे। टीम ने कार्यालय का रिकॉर्ड खंगाला। टीम के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रोमिला भारद्वाज ने देरी से पहुुंचने वाले कर्मचारियों से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है।
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एसआई कृष्ण कुमार के नेतृत्व में एसआई रामनिवास, एसआई रणबीर सिंह सहित सात सदस्यीय टीम ने बुधवार सुबह सवा नौ बजे डीईओ कार्यालय पर छापा मारा। कार्यालय में 14 कर्मचारी ही उपस्थित मिले। स्कूल के निरीक्षण पर गईं जिला शिक्षा अधिकारी प्रोमिला भारद्वाज पांच मिनट बाद कार्यालय पहुंचीं। इसके बाद उड़नदस्ते ने कर्मचारियों का रिकॉर्ड मांगा। जांच में पता चला कि कार्यालय में कुल 31 कर्मचारी व अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें 23 कर्मचारी स्थायी, जबकि 08 कर्मचारी अस्थायी हैं। टीम ने 10 बजे तक इंतजार किया। उसके बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार की। 10 बजे तक कार्यालय में कुल 21 कर्मचारी पहुंचे थे, जबकि 10 गैर हाजिर रहे। इनमें से 4 कर्मचारी अवकाश पर थे, जबकि दो कार्यालय के काम से गए हुए थे। शेष चार कर्मचारी गैर हाजिर रहे। इनमें तीन कर्मचारी अस्थायी और 1 कर्मचारी स्थायी है। टीम ने डीईओ को देरी से पहुंचने वाले कर्मचारियों से लिखित में स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए और रिपोर्ट तैयार की, जिसे सरकार के पास भेजा जाएगा।
पदोन्नत होकर आए 37 प्राचार्य में से 36 गैरहाजिर
सरकार ने मुख्याध्यापक व प्राध्यापकों को पदोन्नति देते हुए प्राचार्य बनाया है। जिले में पदोन्नत हुए 37 प्राचार्य को डीईओ कार्यालय पर हाजिरी लगाने के निर्देश दिए थे। ये सभी प्राचार्य 4 अगस्त से नियमित डीईओ कार्यालय पर हाजिरी लगा रहे हैं। बुधवार को उड़नदस्ते की दबिश के दौरान 37 में से केवल 1 प्राचार्य ही उपस्थित मिला। अन्य सभी प्राचार्य 10 बजे व उसके बाद तक कार्यालय पहुंचते रहे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि डीईओ कार्यालय में इन प्राचार्यों के बैठने की न तो पर्याप्त जगह हैं और न ही अभी तक इन्हें कोई कार्य सौंपा गया है।
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वर्जन
सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के पहुंचने का समय सुबह नौ बजे निर्धारित है। उसके बावजूद भी कर्मचारी मनमर्जी कर देरी से पहुंच रहे हैं। आज प्रदेश में कई स्थानों पर एक साथ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर छापे मारे गए। सोनीपत डीईओ कार्यालय में भी सुबह 50 फीसदी स्टाफ गैर हाजिर था। 10 बजे के बाद चार कर्मचारी गैरहाजिर मिले हैं। देरी से पहुंचने वाले सभी कर्मचारियों से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा गया है। पदोन्नत होकर आए प्राचार्यों के लिए कार्यालय में बैठने की पर्याप्त जगह नहीं है और न ही अभी इन्हें कोई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।
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- कृष्ण कुमार, एसआई, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता
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