राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 96वें स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों ने शक्ति व शस्त्र पूजन कर संघ का स्थापना दिवस मनाया। केशव नगर व माधव नगर स्थित शाखा में आयोजित कार्यक्रम में विभाग प्रचारक शिव कुमार व रमेश दत्त ने कहा कि आज के दिन शक्ति की उपासना के साथ शस्त्रों का भी पूजन किया जाता है। उन्होंने अनुच्छेद 370, राम मंदिर, नागरिकता कानून, चीन के साथ गतिरोध व कोरोना जैसे अहम मुद्दों पर बात की। भारत विरोधी ताकतों पर निशाना साधा कि राजनीतिक स्वार्थ, अलगाव की भावना, भारत के प्रति शत्रुता का एक अजीब मिश्रण देश की राष्ट्रीय एकात्मता के विरुद्ध काम कर रहा है। ऐसे में देशवासियों को सावधान रहना चाहिए।
शिवकुमार ने कहा कि स्वयंसेवकों ने देश पर आई विपत्ति काल में भी देशभक्ति का परिचय दिया, कभी धैर्य नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही फिर से विश्व गुरु बनेगा, ऐसा पूरा विश्वास है। नई शिक्षा नीति संस्कार देने का एक बड़ा आधार बनने वाली है। सभी कार्यकर्ता राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना लेकर कार्य करते रहें। कार्यक्रम के दौरान संघ के स्वयंसेवकों ने शारीरिक प्रदर्शन भी किया। गोहाना में भी आरएसएस ने स्थापना दिवस मनाया। जिला प्रचार प्रमुख अजय रोहिल्ला ने कहा कि हमें अपनी शक्ति, बल का पूर्ण प्रदर्शन करते रहना चाहिए, अन्यथा विस्मृति होने से हम पुन: पराभव की स्थिति में आ सकते हैं। इस अवसर पर नगर कार्यवाह विकास कुमार, देवानंद, संजय कुमार, आदित्य, उदय सिंह, खंड कार्यवाह प्रदीप कुमार, नीरज दहिया, सतीश कुमार मौजूद रहे।
अगली पीढ़ी तक लेकर जानी हैं परंपराएं
सेक्टर 23 में विजयदशमी पर आयोजित कार्यक्रम में स्वयंसेवक संघ सोनीपत के विभाग प्रचारक शिव कुमार ने कहा कि अपना समाज सदैव परोपकारी रहा है। सैकड़ों वर्षों की गुलामी के बाद भी हमने अपने उत्सव व परंपरा नहीं छोड़ी। अब अगली पीढ़ी को संस्कारित करने के लिए यह सब परंपराएं उन तक लेकर जानी हैं। इसलिए नई पीढ़ी को शाखा में लाकर देशभक्ति गीत व खेलों के माध्यम से व्यक्ति निर्माण का कार्य करना है। नगर कार्यवाहक विकास अहलावत की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
संघ स्थापना के बाद से अब विश्व का सबसे बड़ा संगठन
इस दिन डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी, जो अब विश्व का सबसे बड़ा संगठन है। सेवा कार्यों के माध्यम से पूरे समाज में जन जागरण का कार्य चल रहा है। वर्ष 2025 तक समाज को संगठित व सुसंस्कारित करते हुए संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम तय किए जाएंगे। गांव व बस्ती में जाकर इन विषयों पर कार्य करना है। कार्यक्रम में मास्टर इंदरजीत, महावीर मित्तल, अधिवक्ता सुमित टोकस, हरिओम पालीवाल, अधिवक्ता प्रवीन सिंह, मास्टर समुंदर मलिक, अजय रोहिल्ला, पंकज जैन, पंकज चमोली सहित अन्य शामिल रहे।