केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने नवजात बच्चों की तस्करी के मामले में खरखौदा के खटीक मोहल्ला निवासी नीरज को गिरफ्तार किया है। इस मामले में तीन दिन बाद आरोपी नीरज के पिता मीडिया के सामने आए और कहा कि अगर मेरा बेटा दोषी है तो उसे भी सजा मिलनी चाहिए। हालांकि उनके बेटे की आड़ में इस मामले में शामिल बड़ी मछलियों को छोड़ा नहीं जाना चाहिए।
बच्चों की तस्करी के मामले में आरोपी बनाए गए खरखौदा निवासी नीरज के पिता कृष्ण लाल ने सोमवार शाम पत्रकारों से बातचीत की। कृष्ण लाल ने बताया कि नीरज लंबे समय से बाहर रहा है। वह कभी पेट्रोल पंप पर नौकरी करता तो कभी स्टोर पर काम करता था। वर्तमान में वह दिल्ली के द्वारका में एक अस्पताल में काम करने की बात कहता था।
पिछले कुछ दिनों से वह खरखौदा से ही आवागमन कर रहा था। बताया कि चार दिन पहले वह घर से गया था और कुछ देर बाद छोटे भाई को कॉल कर गाड़ी में तेल डलवाने के लिए 1100 रुपये ऑनलाइन मंगवाए थे।
इसके बाद तड़के सीबीआई की टीम घर आ पहुंची और नीरज से फोन पर बात करवाई थी। नीरज ने फोन पर कहा था कि टीम के सदस्य जो पूछे, उन्हें बता देना। वह जो कागजात ले जाना चाहें, उन्हें दे देना। टीम ने तीन घंटे तक उनसे पूछताछ की थी। साथ ही घर भी खंगाला था। इसके बाद वह बेटे का रिकॉर्ड लेकर चले गए थे।
परिवार चाहता है सच्चाई सामने आए
नीरज के पिता कृष्ण लाल ने कहा कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। बेटा इधर-उधर काम करते रहने की बात कहता था, लेकिन अब उसका नाम इस बड़े अपराध के साथ जोड़ा जा रहा है। उसे 9 अप्रैल तक रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार चाहता है कि मामले में सच्चाई सामने आए और न्याय की जीत होनी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।