गांव खेवड़ा के लाडले सुमित आंतिल ने पहले ही पैरालंपिक में विश्व रिकॉर्ड के साथ देश की झोली में स्वर्ण पदक डाल दिया है। हालांकि सुमित से पहले गांव की बेटी सीमा आंतिल अपने गांव का नाम विश्व पटल पर चमका चुकी है। सीमा चार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी है, हालांकि वह देश के लिए पदक नहीं ला सकी थीं, लेकिन गांव के बेटे सुमित ने पहले ही पैरालंपिक में देश की झोली में सोने का तमगा डाल दिया है, जिससे हर ग्रामीण खुशी से झूम उठा।
देश की सबसे अनुभवी एथलीट सीमा आंतिल के गांव खेवड़ा के लाडले सुमित आंतिल ने पैरालंपिक में इतिहास रच दिया है। इससे पहले उनके गांव की सीमा आंतिल की बदौलत पहले ही गांव का नाम विश्व में रोशन हो चुका है। राष्ट्रमंडल खेलों की रिकॉर्डधारी सीमा चार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। सीमा वर्ष 2004, 2012, 2016 व टोक्यो ओलंपिक में भाग ले चुकी हैं।
अब गांव के लाडले सुमित आंतिल ने सीमा की तरह गांव का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख दिया है। जिसके बाद गांव में हर व्यक्ति खुशी से झूम रहा है।
सुमित कुमार- फोटो : Sonipat