सोनीपत। गांव खेवड़ा स्थित चौहान जोशी रोड पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का दो मंजिला भवन बनाया जाएगा। सात एकड़ में बनने वाले आईटीआई के भवन के लिए लोक निर्माण विभाग से ड्राइंग मंजूर हो चुकी है। अब विभाग ने भवन के निर्माण के लिए 14 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। आचार संहिता हटने के बाद भी टेंडर लगाया जाएगा। आईटीआई का भवन बनने से राई के युवाओं को काफी फायदा हो सकेगा।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2016 में खेवड़ा में आईटीआई के निर्माण की घोषणा की थी, ताकि खादर क्षेत्र के युवाओं को औद्योगिक शिक्षा के लिए सोनीपत तक दौड़ न लगानी पड़े। इसके बाद सरकार ने यहां 10 एकड़ में दो मंजिला आईटीआई के लिए 6.34 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी दी थी। इसमें पहले जमीन मिलने में देरी हुई। पहले खेवड़ा गांव को नगर निगम में शामिल किया था। नगर निगम ने उस जमीन को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को स्थानांतरित कर दिया था। उस दौरान ग्रामीण गांव को नगर निगम से बाहर रखने पर अड़े थे। कुछ समय बाद सरकार ने गांव को निगम से बाहर कर दिया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने आईटीआई का निर्माण शुरू करने की तैयारी की। तब पता लगा कि यह जमीन पहले ही वन विभाग को दी जा चुकी है। ऐसे में निगम को जमीन ट्रांसफर करने के लिए वन विभाग ने अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना जरूरी था। इस कारण आईटीआई के भवन निर्माण में बाधा आ गई थी। कुछ समय बाद वन विभाग से एनओसी मिलने पर निर्माण शुरू हुआ ही था कि आईटीआई की जमीन का आधा हिस्सा मेरठ-लोहारू राष्ट्रीय राजमार्ग-334बी में अधिगृहित हो गया था। इससे जमीन कम पड़ने से विभाग ने निर्माण करने से मना कर दिया।
अब चौहान जोशी मार्ग पर सात एकड़ जमीन मिली, सीएलयू के छह लाख रुपये मांगे
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को अब चौहान जोशी मार्ग पर सात एकड़ जमीन मिली है। विभाग ने यहां पर दो मंजिला आईटीआई का भवन बनाने का निर्णय लिया और ड्र्राइंग को मंजूर कर लिया है। जमीन पर सीएलयू लेना बाकी है। इसके लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने छह लाख रुपये मांगे है।
गांव खेवड़ा में आईटीआई का दो मंजिला भवन सात एकड़ में बनाया जाएगा। मुख्यालय से ड्राइंग मंजूर होने के बाद 14 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार करके मंजूरी के लिए भेज दिया है।
- दिलबाग मेहरा, उपमंडल अभियंता, लोक निर्माण विभाग
आईटीआई खेवड़ा की कक्षाएं सोनीपत आईटीआई परिसर में लगाई जाती है। वर्तमान में दाखिला प्रक्रिया जारी है। गांव में आईटीआई का भवन बनने के बाद वहां कक्षाएं लगानी शुरू कर दी जाएंगी।
- विक्रम सिंह, प्राचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सोनीपत