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Sonipat: मंकीपॉक्स से निपटने के लिए नागरिक अस्पताल में 8 और डेंगू के मरीजों के लिए 10 बेड की व्यवस्था

Thu, 28 Jul 2022 08:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

हरियाणा के सोनीपत जिले में कोरोना के मामले भी लगातार मिल रहे हैं। जिले में सक्रिय केस 45 है और सभी मरीज होम आइसोलेट हैं। राहत की बात है कि जिले में अब तक मंकीपॉक्स व डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू के मरीजों के लिए तैयार किया गया मच्छरदानी सहित बेड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कोरोना महामारी के बाद अब मंकीपॉक्स का खतरा बढ़ गया है। हरियाणा के सोनीपत में भी स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। मंकीपॉक्स बीमारी की आशंका को देखते हुए नागरिक अस्पताल में 8 बेड की व्यवस्था की गई है। वहीं डेंगू के मरीजों के लिए 10 बेड की व्यवस्था की गई है। जिले में कोरोना के मामले भी लगातार मिल रहे है। वर्तमान में 45 सक्रिय केस हैं। सभी मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। स्वास्थ्य कर्मचारी रोजाना संक्रमितों के घर जाकर स्वास्थ्य की रिपोर्ट ले रहे हैं। 

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मंकीपॉक्स बीमारी की आशंका को देखते हुुए नागरिक अस्पताल में 8 बेड की व्यवस्था है। सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में ब्रिटेन, स्वीडन, नाइजीरिया, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, बेल्जियम, जर्मनी, स्पेन, फ्रांस, अमेरिका सहित 21 देशों से आने वाले लोगों पर नजर रखने के निर्देेश दिए गए हैं। अगर इन देशों से आने वालों में मंकीपॉक्स बीमारी के कोई लक्षण हैं तो उन्हें स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देनी होगी।

स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल, सामुदायिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों के स्टाफ को अलर्ट कर रखा है। चिकित्सक का कहना है कि अगर किसी में भी मंकीपॉक्स के लक्षण सामने आएं तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। अगर आसपास भी किसी के शरीर पर दाने, गांठें या अन्य लक्षण नजर आएं तो उसकी जांच कराई जाए। 
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दो दिन पहले सामने आया संदिग्ध, निगेटिव रिपोर्ट से मिली राहत 
केरल निवासी 30 वर्षीय ओपी जिंदल ग्लोबल विवि में प्रोफेसर हैं। वह 16 जुलाई को हवाई यात्रा करके वाया दिल्ली सोनीपत पहुंचे थे। प्रोफेसर को अपने शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई दिए थे। इसके बाद वह मंगलवार को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल गए थे। उन्होंने फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा के पास स्वास्थ्य की जांच कराई तो फिजिशियन ने मंकीपॉक्स बीमारी का संदिग्ध मानकर अस्पताल में भर्ती कर लिया था। चिकित्सक ने संदिग्ध मरीज के खून के दो, यूरिन व लाल चत्तके का एक-एक नमूना लिया था। इनको जांच के लिए दिल्ली स्थित एम्स में भेज दिया गया था। बुधवार शाम को वहां से प्रोफेसर की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग को राहत मिली। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
अभी तक नहीं मिला डेंगू और मलेरिया का मरीज
बारिश का सीजन शुरू होने से मौसम में परिवर्तन आ गया है। जिसके बाद बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में डेंगू व मलेरिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। 169 टीमों को डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे के लिए भेजा जा रहा है। वहीं विभाग की ओर से महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में 20, नागरिक अस्पताल में 10, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पांच-पांच बेड आरक्षित किए गए हैं। मरीज मिलने पर ही वार्डों में भर्ती किया जाएगा। जिले में दो साल में मलेरिया के महज दो मरीज मिले थे। वहीं वर्ष 2021 में डेंगू के 1013 मरीज मिले थे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इस बार इसे लेकर विशेष एहतियात बरत रही है। लोगों के लिए राहत की बात यह है कि इस साल अब तक मलेरिया व डेंगू का मरीज नहीं मिला है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया व डेंगू से बचाव को लेकर जागरूक कर रहे हैं। बुखार पीड़ित लोगों की लगातार रक्त की स्लाइड बनाई जा रही है।  

कोरोना के सक्रिय केस 45, सभी मरीज होम आइसोलेट
जिले में कोरोना के मरीज लगातार मिल रहे हैं। कोरोना महामारी से निपटने के लिए रोजाना 200 से ज्यादा नमूने लिए जा रहे हैं। कई दिन से 10 से कम कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। जिले में कोरोना के सक्रिय केस 45 हैं। विभाग के पास कोरोना के मरीजों को भर्ती करने के लिए 250 सामान्य बेड, 200 ऑक्सीजन बेड, 50 आईसीयू बेड व 50 वेंटिलेटर की व्यवस्था है। राहत की बात यह है कि सभी मरीज होम आइसोलेट है। अस्पताल में कोई भी कोरोना का मरीज भर्ती नहीं है।  

मंकीपॉक्स, कोरोना और डेंगू से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीनों बीमारियां के मरीजों को बेहतर उपचार दिया जाएगा। मंकीपॉक्स को लेकर एडवाइजरी जारी हो चुकी है। वहीं डेंगू से निपटने के लिए बेड की व्यवस्था कर दी गई है। कोरोना की जांच के लिए रोजाना नमूने लिए जा रहे हैं। - डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन
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