अभी तक नहीं मिला डेंगू और मलेरिया का मरीज
बारिश का सीजन शुरू होने से मौसम में परिवर्तन आ गया है। जिसके बाद बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में डेंगू व मलेरिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। 169 टीमों को डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे के लिए भेजा जा रहा है। वहीं विभाग की ओर से महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में 20, नागरिक अस्पताल में 10, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पांच-पांच बेड आरक्षित किए गए हैं। मरीज मिलने पर ही वार्डों में भर्ती किया जाएगा। जिले में दो साल में मलेरिया के महज दो मरीज मिले थे। वहीं वर्ष 2021 में डेंगू के 1013 मरीज मिले थे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इस बार इसे लेकर विशेष एहतियात बरत रही है। लोगों के लिए राहत की बात यह है कि इस साल अब तक मलेरिया व डेंगू का मरीज नहीं मिला है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया व डेंगू से बचाव को लेकर जागरूक कर रहे हैं। बुखार पीड़ित लोगों की लगातार रक्त की स्लाइड बनाई जा रही है।
कोरोना के सक्रिय केस 45, सभी मरीज होम आइसोलेट
जिले में कोरोना के मरीज लगातार मिल रहे हैं। कोरोना महामारी से निपटने के लिए रोजाना 200 से ज्यादा नमूने लिए जा रहे हैं। कई दिन से 10 से कम कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। जिले में कोरोना के सक्रिय केस 45 हैं। विभाग के पास कोरोना के मरीजों को भर्ती करने के लिए 250 सामान्य बेड, 200 ऑक्सीजन बेड, 50 आईसीयू बेड व 50 वेंटिलेटर की व्यवस्था है। राहत की बात यह है कि सभी मरीज होम आइसोलेट है। अस्पताल में कोई भी कोरोना का मरीज भर्ती नहीं है।
मंकीपॉक्स, कोरोना और डेंगू से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीनों बीमारियां के मरीजों को बेहतर उपचार दिया जाएगा। मंकीपॉक्स को लेकर एडवाइजरी जारी हो चुकी है। वहीं डेंगू से निपटने के लिए बेड की व्यवस्था कर दी गई है। कोरोना की जांच के लिए रोजाना नमूने लिए जा रहे हैं। - डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन