जिले में लगातार डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डेंगू पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। जिला अस्पताल में रोजाना बुखार के मरीजों की भीड़ लग रही है। बुधवार को डेंगू के 44 नए मरीज मिले हैं। अब मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 462 तक पहुंच गया है। इसमें खादर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। यहां जलभराव के कारण हालात भयावह होते जा रहे हैं। यहां बुखार से पीड़ित ज्यादा लोग मिल रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दावा किया जा रहा है कि जिन रिहायशी इलाकों में डेंगू के ज्यादा मरीज मिल रहे हैं, उनमें विभाग की ओर से मच्छरदानियां वितरित की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू के साथ मौजूदा समय में वायरल का भी प्रकोप बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी डोर-टू-डोर लोगों से बुखार के लक्षणों की जानकारी ले रहे हैं। शहर की कॉलोनी व गांवों के हर घर में कूलर, गमले, पुराने टायरों समेत उन सभी जगहों को चेक किया जा रहा है, जहां डेंगू मच्छर के पनपने की आशंका होती है। ऐसी जगह पर विभाग की ओर से एंटी लार्वा अभियान चलाया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र से अधिक मरीज
तीन दिन में जिले में डेंगू के 89 केस मिले हैं। इनमें से 50 मरीज ग्रामीण क्षेत्र से हैं, जबकि 39 मरीज शहरी क्षेत्र से हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार 85 प्रतिशत रिकवरी रेट है। जिले में अब तक किसी भी डेंगू मरीज की मौत नहीं हुई, जो विभाग के लिए राहत की खबर है। नागरिक अस्पताल में 25 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है और हर बेड पर मच्छरदानी की व्यवस्था की हुई है। डेंगू वार्ड में फिलहाल 17 मरीज भर्ती हैं।
गांवों में प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाया
डेंगू को नियंत्रण करने के लिए प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज करने पर जोर दिया है। इसके चलते अभियान की कमान ग्राम सचिव व निवर्तमान सरपंचों को सौंपी है। वह गांवों में सभा करके लोगों को डेंगू के मच्छर की पहचान, उसके पनपने का कारण, बीमारी और रोकथाम की जानकारी मुहैया कराएंगे। इससे डेंगू के नियंत्रण में मदद मिल सकेगी। डेंगू के खिलाफ जागरूकता की कमान डीडीपीओ रुपेंद्र मलिक संभाल रहे हैं।
वर्जन
जिले में डेंगू के 44 नए मरीज मिले हैं। अब आंकड़ा 462 तक हो गया है। स्वास्थ्य कर्मी लगातार डोर-टू-डोर सर्वे कर रहे हैं। डेंगू पर नियंत्रण के लिए लगातार बुखार पीड़ित मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं।
- डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन सोनीपत
वर्जन
डेंगू नियंत्रण के लिए सभी गांवों में जागरूकता कमेटियां बना दी गई हैं। सभी गांवों में स्प्रे मशीन उपलब्ध हैं, उनसे कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने पर डेंगू पर नियंत्रण संभव हो सकेगा।
- रुपेंद्र मलिक, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी