सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने सातवीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म करने व उसकी अश्लील अश्लील फोटो लेने के आरोपी युवक को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव में रहने वाले व्यक्ति ने मार्च, 2019 को पुलिस को बताया था कि करीब एक माह पहले सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली उसकी बेटी घूमने के लिए घर से बाहर गई थी। बाद में जब वह घर लौटी तो घबराई हुई थी। उनके पूछने पर भी बेटी ने कुछ नहीं बताया था। उस दिन के बाद से ही उसकी बेटी परिवार से सदस्यों से दूरी बनाने लगी और शांत रहने लगी थी। इतना ही नहीं वह स्कूल भी कम जाती थी। वह अपनी वार्षिक परीक्षा भी नहीं दे पाई। इस पर जब उसने व उसकी पत्नी ने बेटी से पूछताछ की तो उसने बताया था कि गांव के मोहित ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। साथ ही उसकी आपत्तिजनक तस्वीर भी ले ली। इसके बाद आरोपी ने उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके चलते वह चुप रही। किशोरी के पिता ने आरोप लगाया था कि जब बेटी के साथ हुई घिनौनी घटना का उन्हें पता लगा तो वह आरोपी के परिवार के पास गया था। आरोपी के परिवार वालों ने उसे ही धमकी दे दी। इतना ही नहीं उन्होंने उसकी बेटी को बदनाम करने के लिए अन्य लोगों को भी इस बारे में बता दिया। जिस पर पुलिस में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने मोहित को दोषी करार दिया। बुधवार को मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने 4 पॉक्सो एक्ट में दोषी को 20 साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 354बी में पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 190 में एक साल कैद व 506 में दो साल कैद की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।