सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने एक किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। जुर्माना अदा न करने पर 15 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गन्नौर पर किराये पर रहने वाले एक व्यक्ति ने 25 अगस्त, 2022 को गन्नौर थाना पुलिस को बताया था कि सुबह उनकी दो बेटियां न्यायालय की तरफ गली में आई थीं। उन्होंने दोनों बेटियों को ऑटो में बैठाकर घर भेज दिया था। उनकी 15 वर्षीय छोटी बेटी घर नहीं पहुंची थी। उन्होंने उसकी तलाश की, लेकिन पता नहीं लग सका। जिस पर पुलिस को शिकायत देकर अज्ञात पर बेटी को बहकाकर ले जाने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में पुलिस ने 29 अगस्त, 2022 को लड़की को गांव जौली निवासी वेदप्रकाश उर्फ अनिल के पास से बरामद किया था। वह उनके पड़ोस में रहता था। लड़की के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए थे। जिसने बताया था कि वेदप्रकाश ने उसे करनाल के होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में दुष्कर्म के साथ ही 6 पॉक्सो व बाद में एससीएसटी एक्ट भी दर्ज किया था। मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी एसआई बबली ने पीड़िता को लेकर करनाल होटल में निशानदेही की थी। बाद में एससीएसटी लगने पर मामले की जांच डीएसपी गन्नौर को दी गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे अदालत में पेश कर दिया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने आरोपी वेदप्रकाश उर्फ अनिल को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कठोर कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना तथा धोखाधड़ी में तीन साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी। अदालत ने दोषी को एक साल तीन माह छह दिन में सजा सुनाई है।