सरकार की तरफ से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने को पंप संचालकों ने बड़ा नुकसान बताया है। प्रदेश के साथ ही सोनीपत में भी डीलरों ने जिलेभर में करीब 186 पंपों को 12 घंटे के लिए बंद रखा। इस दौरान सरकारी पेट्रोल पंपों पर तेल लेने के लिए वाहन चालकों की लंबी कतार लगी रही। पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह इस हड़ताल को आगे भी बढ़ा सकते हैं।
पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर सोनीपत पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के बैनर तले सभी पेट्रोल पंपों को सोमवार को 12 घंटे के लिए बंद रखा गया। इस कारण सुबह से ही पेट्रोल व डीजल के लिए वाहन चालक भटकते रहे। कहीं पर पंपों के बाहर नोटिस चस्पाया गया तो कहीं पर रस्सी से मार्ग बंद कर दिया गया था।
सरकारी पंपों पर दौड़े वाहन चालक
निजी पंपों पर पेट्रोल व डीजल नहीं मिलने के कारण बहुत से वाहन चालक मुरथल में रोडवेज प्रशिक्षण केंद्र परिसर में लगे सरकारी पंप व शुगर मिल में बने सरकारी पंपों की ओर दौड़े, जिसके कारण वहां पर भीड़ लगी रही। हड़ताल बढ़ने की आशंका के कारण कई वाहन चालक अपने वाहनों की टंकी फुल करवाते नजर आए। वाहन चालकों ने बताया कि अचानक हड़ताल से उनके दैनिक कार्य प्रभावित हुए हैं। सरकारी पंप पर लोगों की परेशानी को देखते हुए बोतल व केन में भी पेट्रोल-डीजल दिया गया। सरकारी पंप पर पहुंचे कई लोगों ने वाहन में पेट्रोल बीच रास्ते खत्म होने की जानकारी देकर बोतल व केन में तेल भरवाया।
हड़ताल से प्रदूषण हुआ कम
पेट्रोल पंपों पर हड़ताल के कारण जिले में प्रदूषण भी कम हुआ। सरकार ने जहां 17 नवंबर तक स्कूलों को बंद रखने के अलावा कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, वहीं पेट्रोल-डीजल नहीं मिलने के कारण वाहन कम चले। इससे प्रदूषण कम हुआ। यही कारण था कि सोमवार को पूरा दिन एक्यूआई 300 से कम रहा, जिसका फायदा भी हुआ।
दिनभर परेशान रहे वाहन चालक, हड़ताल बढ़ती तो ज्यादा होती दिक्कत
सोमवार को 12 घंटे की हड़ताल के दौरान वाहन चालक खासे परेशान रहे। शहर के पंपों के बाहर लोग पंप संचालकों व कर्मियों को मजबूरी बताकर तेल डलवाने की मांग करते रहे, लेकिन पंप संचालकों ने इससे साफ इनकार कर दिया। कई पंप संचालकों ने तो रस्सी बांध रखी थी। कई ने अवरोधक रखकर वाहनों की पंपों में एंट्री रोक रखी थी। शाम को छह बजे हड़ताल खुलने के बाद वाहन चालकों को राहत मिली। अगर हड़ताल आगे बढ़ती तो उनकी दिक्कत बढ़ सकती थी।
करीब चार करोड़ के नुकसान का आकलन
जिले में 12 घंटे तक पेट्रोल पंप बंद रहने से करीब चार करोड़ के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। बताया गया है कि इससे सरकार को करीब सवा दो करोड़ का नुकसान हुआ और पंप मालिकों को भी पौने दो करोड़ का नुकसान होने की बात कही जा रही है।
पंप मालिकों ने कहा, कीमत कम करने का बोझ डीलरों पर पड़ा
सोनीपत पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने हड़ताल कर जीटी रोड पर ढाबे पर बैठक भी की। अध्यक्षता प्रधान परमिंद्र खत्री ने की। इस दौरान हड़ताल को सफल बनाने के लिए ड्यूटियां भी लगाई गईं। बैठक में परमिंद्र खत्री ने बताया कि सरकार की गलत नीतियों से पेट्रोल पंप व्यापार घाटे का सौदा बन गया है। उनसे जुड़े सभी कर्मचारियों के भूखे मरने की नौबत आ गई है। सरकार ने जिस तरह से अबकी बार दो महीने में हर रोज तेल के दाम बढ़ाए और फिर एक साथ 10 रुपये एक्साइज टीम कम कर सीधे पेट्रोल पंप डीलरों को एक रात में ही करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा दिया है। बैठक के दौरान युद्धवीर एडवोकेट, विनोद गुलिया, मोहित जठेड़ी, राजकुमार कटारिया, माई राम कौशिक, नीरज जैन उपस्थित रहे।