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जातिसूचक शब्द बोलने का आरोप लगा मजदूरों ने 4 घंटे किया हंगामा

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अनाज मंडी में रोष प्रकट करते मजदूर। संवाद - फोटो : Sirsa
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। जातिसूचक शब्द बोलने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा मजदूरों ने सोमवार को हड़ताल कर चार घंटे तक अनाज मंडी में जमकर हंगामा किया। मजदूर आढ़ती एसोसिएशन प्रधान मनोहर लाल की दुकान के बाहर पहुंचे और घेराव कर दिया। दो घंटे के आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मजदूरों के बीच पहुंचे और माफी मांगी। इसके बाद मजदूरों ने हड़ताल और रोष प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
मजदूर एसोसिएशन प्रधान सोम ने बताया कि अनाज मंडी में गेहूं न आने के कारण मजदूरों ने एकत्रित होकर निजी गोदामों में पहुंचे थे। इस दौरान शिवम इंटर प्राईजिज में काफी मात्रा में गेहूं पाया। मार्केट कमेेटी अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। इस दौरान गोदाम संचालक ने मजदूरी के नाम पर 61 हजार रुपये की पर्ची कटवाई थी। इसकी राशि उन्होंने अपने पास रख ली थी। वहीं उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह आढ़ती एसोसिएशन प्रधान ने उसे दुकान में बुलाया और मामले को रफादफा करने की बात कही। जब वह नहीं माने तो प्रधान ने जाति सूचक शब्द बोले और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद सुबह 11 बजे अनाज मंडी मजदूर वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले मजदूर मंडी मार्केट कमेटी कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए और आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनोहर लाल के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी बनवारी लाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचेऔर जवानों को दुकान के आगे तैनात कर दिया। थाना प्रभारी मजदूरों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने कहा कि जब तक प्रधान बाहर आकर मजदूरों से माफी नहीं मांगता तब तक धरना जारी रहेगा। करीब दो घंटे तक धरना प्रदर्शन के बाद प्रधान मजदूरों के बीच पहुंचे और शब्दों को वापस लेते की बात कह माफी मांगी। इसके बाद मजदूरों ने हड़ताल खत्म की।
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बुलाना पड़ा अतिरिक्त पुलिस बल, दो घंटे बाद हुआ समाधान
एसोसिएशन के सदस्य मजदूूरों से बातचीत करने के लिए पहुंचते हुए नजर आए। लेकिन मजदूरों ने किसी भी सदस्य की नहीं सुनी। मजदूरों में बढ़ते रोष को देखते हुए शहर थाना प्रभारी को अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाना पड़ा। इसके बाद मजदूरों को दुुकान के बाहर स्थित रोड के दूसरी तरफ भेज दिया और एकत्र कर दिया।
गोदामों में सीधा गेहूं न पहुंचाने की उठाई मांग
मजदूरों ने आरोप लगाया कि आढ़ती गोदाम संचालकों के साथ मिलकर किसानों को सीधा ही गोदामों में भेज देते हैं। जिसके कारण मंडी में गेहूं की आवक नहीं हो पाती और उन्हें काम नहीं मिल पा रहा। उन्होंने मांग उठाते हुए कहा कि सीधा गोदामों में गेहूं नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी आढ़ती इस तरह सीधा गोदामों में गेहूं पहुंचाते है तो उनके खिलाफ भी रोष प्रकट कर विरोध किया जाएगा।
मंडी मजदूर के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन इस दौरान उन्होंने किसी भी तरह का जाति सूचक शब्द व कोई भी धमकी नहीं दी है। इसके बाद भी उन्होंने मजदूरों के बीच पहुंचकर अपने शब्दों को वापस लिया है। - मनोहर लाल, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन प्रधान सिरसा।
जाति सूचक शब्द बोलने के मामले को लेकर मजदूरों ने मंडी में रोष प्रदर्शन किया था। जिसके बाद दोनों तरफ के सदस्यों की सहमति करवा दी गई है और मजदूरों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया है। - बनवारी लाल, शहर थाना प्रभारी, सिरसा।
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मंडी मजदूरों ने गोदाम में पहुंचकर रोष प्रकट किया था। इसके बाद मामले की शिकायत आई थी। निजी गोदाम में तोल होने और मंडी में गेहूं की आवक न होने पर मजदूरों ने मजदूरी न मिलने की बात कहीं थी। इसके बाद गोदाम संचालक ने मजदूर एसोसिएशन के नाम पर 61 हजार रुपये की पर्ची काटी थी। यह राशि मजदूर वेलफेयर ने अपने पास ही जमा करवा ली थी। टोकन कटने के बाद ही गोदाम में गेहूं पहुंचा था। - वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी, सिरसा।

मंडी मजदूरों की बीच में पहुंचकर मजदूरों से बातचीत करते आढ़ती एसोसिएशन प्रधान मनोहर लाल । संवाद- फोटो : Sirsa

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