सिरसा। दिल्ली बॉर्डर पर धरने का एक वर्ष पूरा होने के बाद अब किसान दिल्ली टिकरी बॉर्डर पर एकत्र हो रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सिरसा से भी किसानों के दो जत्थे दिल्ली टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना हुए। जिले से करीब 250 किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व गाड़ियों में सवार होकर ढोल की थाप पर नाचते हुए और एकता के जयकारे लगाते हुए सिरसा से रवाना हुए हैं। किसानों ने कहा कि एक वर्ष पहले वह बैरिकेड्स को तोड़कर दिल्ली पहुंचे थे लेकिन एक वर्ष के बाद वह नाचते और गाते हुए दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बाद किसानों में काफी उत्साह है। वीरवार को ऐलनाबाद, डबवाली और अन्य स्थान के किसान सिरसा के नेहरू पार्क के समक्ष और शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में एकत्र हुए। किसानों का एक जत्था किसान एकता मंच के प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख के नेतृत्व में नेहरू पार्क में एकत्र हुआ। जबकि किसानों का दूसरा जत्था बरनाला रोड स्थित शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा के नेतृत्व में एकत्र हुए। सुबह 11 बजे किसानों के दोनों जत्थे अलग-अलग सिरसा से किसान एकता के झंडों के साथ रवाना हुए। वहीं किसानों ने कहा कि एक वर्ष पहले वह सरकार ने किसानों को रोकने के लिए जगह-जगह पर बैरिकेड लगाए थे लेकिन इसके बाद भी किसान नहीं रुके और दिल्ली तक पहुंचे। एक वर्ष लगातार आंदोलन चलने पर सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया है। जिसके चलते अब किसानों में काफी उत्साह है।
दिल्ली में मनाया जाएगा जश्न : औलख
भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि कृषि कानून रद्द करवाने के लिए किसानों ने एक साल तक दिल्ली बॉर्डर पर संघर्ष किया है। आंदोलन के दबाव में सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में भी मंजूरी मिल चुकी है। अब अन्य मांगों को मनवाने के लिए किसान दिल्ली जा रहे है। पिछले वर्ष भी 25 नवंबर को किसानों ने दिल्ली कूच किया था। लेकिन उस समय सरकार ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए, सड़कों पर गड्ढे बनाए, किसानों पर लाठीचार्ज और पानी की बौछारें भी की। लेकिन किसान दिल्ली पहुंचने में सफल रहे। अबकी बार स्थिति अलग है और सरकार किसी तरह की रूकावट नहीं पैदा कर रही। केंद्र सरकार ने भी संयुक्त मोर्चा के किसानों के दिल्ली पहुंचने की अपील पर कैबिनेट की बैठक बुलाई और कृषि कानून रद्द करने पर मोहर लगाई। यह किसानों की बड़ी जीत है। इसलिए उत्साहित किसान दिल्ली कूच कर रहे है। इस मौके पर महासचिव गुरप्रीत गिल, प्रदेश सचिव गुरमीत नकौड़ा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य दलजीत चहल, नवदीप सिद्धू, सरपंच कमलजीत कौर, रविंद्र गिल, कर्ण कंगनपुर, कपिल मेहता, अंग्रेज सिंह कोटली मौजूद रहे।
मोरीवाला के पास ढोल की थाप पर जमकर नाचे किसान
शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम से दिल्ली के लिए रवाना हुए प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, गुरदीप सिंह झिड़ी, लक्खा सिंह अलीकां, सतपाल सिंह और अन्य किसान मोरीवाला के पास जमकर ढोल की थाप पर नाचे और किसान एकता के नारे लगाए। वहीं कई किसान आंदोलन को लेकर बोलियां भी डालते हुए नजर आए। किसानों ने कहा कि उनमें अब काफी उत्साह है। दिल्ली में भी बड़ा जश्न मनाया जाएगा।