संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान स्थानीय निकाय मंत्री कमल गुप्ता का गुस्सा अधिकारियों पर फूटा। रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में 200 रुपये लेकर आरसी और रसीद देने की बात सामने आने पर न केवल आरटीए को फटकार लगाई बल्कि आरोपी क्लर्क को जांच के बाद निलंबित करने के भी आदेश दिए। दूसरी ओर आरटीए को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। हालांकि एजेंडा में शामिल शिकायतों को मंत्री ने शांत तरीके से सुना और निपटारा भी किया।
हुआ यूं कि पंचायत भवन में वीरवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। इस दौरान एजेंडा में शामिल सभी 14 शिकायतों की सुनवाई के बाद समिति के सदस्यों को भी अपनी-अपनी समस्या और सुझाव बताने के लिए मंच पर आमंत्रित किया गया। समिति के सदस्य नरेश गर्ग ने बताया कि उनके वाहन का पिछले दिनों आरटीए विभाग की ओर से करीब 30 हजार रुपये का चालान हो गया था। उन्होंने चालान ऑनलाइन तरीके से भर दिया। लेकिन गाड़ी की आरसी और रसीद के लिए करीब दो दिन पहले कालांवाली से सिरसा कार्यालय आना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले तो उन्हें करीब डेढ़ घंटा कार्यालय के बाहर इंतजार करवाया, जब वे व्यक्तिगत रूप से आरटीए हीरा सिंह से मिले, अपना परिचय दिया तो उन्होंने उचित व्यवहार नहीं किया और फिर बाहर जाने को कहा। साथ ही रसीद भी संबंधित क्लर्क से ही लेने के लिए इंतजार करने को कहा। क्लर्क आया तो उसने भी आरसी और चालान राशि की रसीद देने की एवज में 200 रुपये की मांग की। रुपये देने से इंकार किया तो लौटा दिया। इस पर परेेशानी से बचने के लिए उन्होंने 200 रुपये देकर रसीद ले ली। इस शिकायत पर स्थानीय निकाय मंत्री ने आरटीए को बुलाया और उनका पक्ष सुना। आरटीए हीरा सिंह ने नरेश गर्ग से सबूत मांगा तो स्थानीय निकाय मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने आरटीए को फटकार लगाते हुए कहा कि हर बात का सुबूत नहीं होता लेकिन आप इसे गंभीरता से लें। साथ ही मंत्री ने इस मामले की जांच के आदेेश दिया और जांच के बाद आरोपी क्लर्क को निलंबित करने के निर्देश जारी किया। इतना ही नहीं आरटीए हीरा सिंह को भी कारण बताओ नोटिस देकर पूरे मामले पर लिखित में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने सभी अधिकारियों से कहा कि भविष्य में वे ध्यान रखें कि ना केवल सम्मानित लोगों बल्कि आमजन से भी मैत्रीपूर्ण तरीके से व्यवहार करें। बैठक में उपायुक्त अजय सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन, जिला नगर आयुक्त गायत्री अहलावत, अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार, एसडीएम जयवीर यादव, डॉ. वेद प्रकाश, उदय सिंह, राजेश पूनिया, सीटीएम अजय सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य देवीलाल, वरिष्ठ भाजपा नेता गुरदेव सिंह राही, रेेणु शर्मा, शीशपाल कंबोज, प्रदीप रातुसरिया, रोहताश जांगड़ा, बलवान जांगड़ा, निताशा सिहाग, देव कुमार शर्मा, विरेंद्र तिना, सुनील बामणिया, सुनील बहल, जिगेश महता, सहित कष्ट निवारण समिति के सदस्य उपस्थित थे।
14 में से 10 का किया निपटारा, 4 शिकायतें रही लंबित
गांव मोठसरा निवासी राममूर्ति की ओर से अपने बेटे कुलदीप सिंह की मृत्यु के संबंध में रखी गई शिकायत की सुनवाई करते हुए डॉ. कमल गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मृतक के मोबाइल तथा आरोपी व्यक्ति का लाई डिटेक्टर टेस्ट की रिपोर्ट आगामी बैठक में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में तेजी के साथ काम करें। इसी प्रकार नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने की एक शिकायत पर मंत्री ने कहा कि यह गंभीर मामला है, इसलिए पुलिस अधीक्षक स्वयं इस मामले की निगरानी करते हुए कार्रवाई में तेजी लाएं। इस प्रकार से बैठक में रखी गई 14 शिकायतों में से 10 का मौके पर ही निपटान कर दिया तथा 4 शिकायतों को लंबित रखते हुए संबंधित अधिकारियों निर्देश दिए।
मंत्री बोले : समस्याओं को निपटाना मुख्य प्राथमिकता
स्थानीय शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि लोगों की समस्याओं का निपटान करना व उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी तैयार करने का कार्य ऐतिहासिक होने जा रहा है, जिसमें करीब 42 लाख से अधिक प्रॉपर्टी आईडी को चिह्नित किया गया है, जोकि बहुत ही कठिन कार्य था। इसके साथ ही प्रॉपर्टी आईडी का परिवार पहचान पत्र व बिजली बिल के साथ जोड़ना भी आसान काम नहीं था। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद भविष्य में काफी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राशन कार्ड को ऑनलाइन किया है, ताकि लोगों को और अधिक पारदर्शिता से सुविधाएं मिल सके।
समिति सदस्यों से हुई गुप्त मंत्रणा, सदस्यों ने की नाराजगी व्यक्त
बैठक के बाद सभी आमजन और अधिकारियों को मीटिंग हॉल से बाहर कर दिया गया। केवल समिति सदस्यों के साथ बैठक की और इस दौरान मंत्री गुप्त मंत्रणा की। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान समिति सदस्यों ने मंत्री के समक्ष नाराजगी जाहिर की। सदस्यों ने कहा कि अपनी बात रखने का समय नहीं दिया गया है। इस पर मंत्री ने कहा कि सभी सदस्यों को पूरा समय दिया गया, कई सदस्य ही देरी से आए तो वे क्या करें। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा समिति सदस्यों की इज्जत न करने और नजरअंदाज करने की भी शिकायतें मंत्री के समक्ष की। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
कष्ट निवारण समिति की बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के समक्ष शिकायत रखती पीड़?- फोटो : Sirsa