संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की ऑटो मार्केट में व्यापारियों को उनकी दुकानों का मालिकाना हक मिलना शुरू हो गया है। नगर परिषद प्रशासन की ओर से रजिस्ट्री करवाने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 100 व्यापारियों की दुकानों की रजिस्ट्री करवाई जा चुकी है। बची हुई दुकानों की आईडी बनाने के साथ-साथ उनको नो ड्यूज सर्टिफिकेट यानी एनओसी देने का कार्य भी चल रहा है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से इसी वर्ष 21 फरवरी को पत्र जारी की इस संबंध में निर्देश दिए गए थे। इसके बाद परिषद ने व्यापारियों की दुकानों की आईडी बनाने और उन्हें मालिकाना हक देने संबंधी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार व्यापारियों के अलॉटमेंट के आधार पर उनकी एनडीसी जारी की गई है, ताकि वह अपनी रजिस्ट्री करवा सकें। व्यापारियों के अलॉटमेंट लेटर भी ट्रांसफर किए गए हैं। पूर्व में जिन व्यापारियों के नाम अलॉटमेंट था, उनमें किसी की मौत हो गई या फिर उन्होंने दूसरों को दुकानें बेच दी थी, उनके लिए ऐसे किया जा रहा है। विभाग के अनुसार ऑटो मार्केट में 1251 दुकानें व्यापारियों को दी गई थी। इनमें से मार्च में अब तक 100 दुकानों की रजिस्ट्री अभी तक हुई है।
21 फरवरी को जारी किए गए पत्र में यह थे आदेश
1 - जिला नगर आयुक्त की देखरेख में ऑटो मार्केट के प्लाटों की नीलामी की जाए। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। प्रशासनिक शुल्क के रूप में बिक्री आय का एक प्रतिशत नगर परिषद को दिया जाएगा।
2 - नगर परिषद ने ऑटो मार्केट के प्लॉट धारकों के पैसे का प्रयोग वेतन आदि में किया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्लॉट धारकों को पैसा चक्रवृद्धि ब्याज के साथ लौटाया जाएगा।
3- ऑटो मार्केट एसोसिएशन प्लॉटों के हस्तांतरण का ध्यान रखेगी। नगर परिषद उनसे कोई स्थानांतरण शुल्क नहीं लेगा।
4- एक बार विकास कार्य पूरा हो जाने पर भविष्य के प्रबंधन और रख-रखाव के लिए एसोसिएशन को हस्तांतरित किया गया।
5- नगर परिषद एसोसिएशन को धन की वापसी की गणना व समाधान होने के बाद 29 फरवरी 2024 के बाद ही दी जाएगी।
यह है ऑटो मार्केट की कहानी
वर्ष 1987 में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मंत्री लक्ष्मण दास अरोड़ा की देखरेख में ऑटो मार्केट अस्तित्व में आई थी। मार्केट की लगभग 52 एकड़ जमीन में वक्फ बोर्ड की कुछ जगह पर कअर् लोग पहले से ही काबिज थे। उन्होंने कोर्ट में केस दायर कर दिया था। इस बीच ऑटो मार्केट में प्लॉटों के आवंटन को लेकर घपला उजागर हुआ। मामला हाईकोर्ट तक भी जा पहुंचा। इस वजह से मार्केट में विकास कार्य नहीं हो पाए थे। सभी मामलों के समाधान होने पर दोबारा से ऑटो मार्केट के विकास का कार्य शुरू होने लगे। ऑटो मार्केट में दुकानों के लिए पहले फेज में 982 प्लॉट आवंटन किए गए। इसमें से 703 प्लॉट मिस्त्रियों को देने थे और शेष 279 प्लॉटों की ओपन नीलामी की गई। दूसरे फेज में इसमें 269 दुकानों के लिए प्लॉट जोड़े गए। इस तरह से कुल प्लॉटों की संख्या 1251 हो गई। इसके अलावा पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटर और रेस्टोरेंट के लिए तीन प्लॉटों की नीलामी की योजना भी विभाग ने बनाई है। कुल 1251 प्लॉटों में से अभी तक सिर्फ एक तिहाई दुकानों का ही निर्माण हो सका है।
ऑटो मार्केट की दुकानों के अलॉटमेंट करवाने और रजिस्ट्री करवाने की प्रक्रिया जारी है। 100 के आसपास दुकानें रजिस्ट्री करवा चुके हैं। बाकी दुकानों के लिए प्रक्रिया जारी है। -अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी , नगर परिषद, सिरसा।