जिले की स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम ने शनिवार को हिसार के बरवाला में भ्रूण लिंग जांच के मामले में गिरोह के तीन सदस्यों को काबू किया है। गिरोह का मुख्य आरोपी एमबीबीएस डॉक्टर मौके से फरार हो गया। आरोपियों को पुलिस के हवाले किया गया है।
सिरसा सिविल सर्जन महेंद्र कुमार भादू को इस गिरोह की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने पीएनडीटी नोडल आफिसर डॉ. भारत भूषण व डॉ. हरसिमरन के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम ने हिसार के पीएनडीटी नोडल ऑफिसर प्रभु दयाल के सहयोग से गिरोह को पकड़ने की योजना बनाई। टीम ने दलाल सुनीता निवासी बरवाला के साथ संपर्क साधा और भ्रूण लिंग जांच करने को लेकर 50 हजार में सौदा तय किया। सुनीता ने उन्हें 13 सितंबर को रात साढ़े नौ बजे बरवाला में बुलाया। सुनीता अपने भतीजे अली के साथ मौके पर पहुंच गई और गर्भवती महिला को बाइक कर अपने साथ अपने घर ले गई और 50 हजार की राशि भी ले ली। दलाल ने गर्भवती महिला की आंखों पर पट्टी बांध दी, ताकि वह जगह की पहचान न कर सके। कुछ समय बाद उक्त महिला गर्भवती को वापस उसी स्थान पर छोड़ गई। सुनीता ने आते ही उन्हें गर्भवती के पेट में लड़की होने की जानकारी दी। टीम ने महिला और उसके साथी को काबू कर लिया। इसके बाद टीम दोनों को साथ लेकर जांच वाली जगह पर लेकर पहुंची, लेकिन तब तक मुख्य आरोपी एमबीबीएस डॉक्टर अनंतराम फरार हो चुका था। टीम ने यहां पर उपस्थित तीसरे आरोपी कृष्ण को काबू कर लिया। पुलिस ने एमबीबीएस डॉक्टर अनंतराम सहित चारों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
बरवाला ने मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल, डॉक्टर पर पहले दर्ज है छह मामले
पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि आरोपी एमबीबीएस डॉक्टर अनंतराम पर पहले ही भ्रूण लिंग जांच करने के छह मामले दर्ज हैं। उक्त डॉक्टर का बरवाला में ही मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल है। दलाल महिला मकान बदल-बदल कर मरीजों को लेकर पहुंची है। उक्त महिला के खिलाफ भी दो मामले दर्ज हैं। छापा कार्रवाई के दौरान 2500 रुपये महिला से बरामद हुए हैं।
भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को काबू किया गया है। मुख्य आरोपी फरार चल रहा है। बरवाला पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। पहले भी मुख्य आरोपी एमबीबीएस डॉक्टर के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
- डॉ. भारत भूषण, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, सिरसा।