संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। नगर पालिका में सब कमेटियों के गठन को लेकर चेयरमैन व तहसीलदार की ओर से एक ही दिन के अंतराल में बुलाई गई अलग-अलग बैठकों का मामला अब शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के पास पहुंच गया है। अब निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता इस मामले में एक्शन लेंगे। नगर पालिका के चेयरमैन मनोज सचदेवा ने निकाय मंत्री कमल गुप्ता को इस पूरे मामले से अवगत करवाने के लिए पत्र लिख दिया है।
चेयरमैन ने जिला नगर आयुक्त को इस बाबत एक ओर पत्र लिखकर बैठक के दिन 27 अप्रैल को नगर पालिका के सभी कर्मचारियों को ड्यूटी पर रहने के आदेश देने का अनुरोध किया गया है। चेयरमैन मनोज सचदेवा ने बताया कि डीएमसी को जो पत्र लिखा है। उसमें कहा है गया है कि 27 अप्रैल को नगर पालिका कार्यालय में पार्षदों की साधारण बैठक है। साधारण बैठक आयोजित होने के कारण उस दिन की नगर पालिका के किसी भी कर्मचारी की छुट्टी मंजूर नहीं की जाए।
दरअसल नगर पालिका रानियां में सब कमेटियों के गठन को लेकर दो गुटों में बंटे पार्षदों में गतिरोध बरकरार है। सब कमेटियों के गठन को लेकर पार्षदों के बीच आपसी सहमति बनती नजर नहीं आ रही है। चेयरमैन मनोज सचदेवा व उनके समर्थित 5 पार्षद हैं। वहीं दूसरे गुट में वाइस चेयरमैन सहित शामिल पार्षदों की संख्या 10 बताई जा रही है। यह गुट बिजली मंत्री से समर्थित है। वैसे तो चुनाव के बाद से ही पार्षदों के बीच आपसी गुटबाजी उभर कर सामने आ गई। लेकिन अब बात ज्यादा बिगड़ गई है। क्योंकि पिछले दिनों वाइस चेयरमैन और कुछ पार्षद ने जिला नगर आयुक्त से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में चेयरमैन मनोज सचदेवा पर बैठक नहीं बुलाने के आरोप लगाया। पार्षदों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला नगर आयुक्त ने तहसीलदार रानियां को इसके लिए नामित कर दिया। नगर पालिका चेयरमैन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बैठक बुलाने वाली ऐसी कोई बात लिखित में किसी पार्षद ने मुझे नहीं दी है। इसी बीच नपा चेयरमैन की ओर से सब कमेटियों के गठन के लिए 27 अप्रैल को बैठक निर्धारित कर दी गई। जबकि इसी मामले को लेकर जिला नगर आयुक्त डॉ. किरण सिंह के आदेश पर तहसीलदार रानियां ने 28 अप्रैल को बैठक के लिए 28 अप्रैल की तिथि रख दी। पार्षदों के बीच में जारी गतिरोध की वजह से एक ही एजेंडे पर नगरपालिका रानियां में एक ही दिन के अंतराल में दो बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। हलांकि बीच में दोनों गुटों के अंदर सहमति होने की खबरें भी आई थी। लेकिन इस को लेकर किसी ने कोई पुष्टि नहीं की है।
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यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। सरकार के यह आदेश हैं कि सब कमेटियों के गठन को लेकर अगर चेयरमैन मीटिंग नहीं बुलाता है तो उसकी जगह जिला नगर आयुक्त किसी अधिकारी को मीटिंग बुलाने के लिए नामित कर सकती है। अगर चेयरमैन मीटिंग बुला रहा है तो ठीक है। एक ही विषय पर दो अलग-अलग बैठकों को लेकर आपत्ति है। इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। - डॉ. कमल गुप्ता, शहरी निकाय मंत्री, हरियाणा।