सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में आई गुमनाम चिट्ठी मामले में बुधवार का दिन अहम रहेग। विवि प्रशासन की कमेटी ने छात्राओं को 10 जनवरी तक अपने बयान दर्ज करवाने का समय दिया था। जिसके बाद विवि प्रशासन की गठित कमेटी अपनी रिपोर्ट को लेकर आगामी निर्णय लेगी। वहीं छात्राओं की पूछताछ भी एसआईटी की आखिरी दौर में पहुंच चुकी है। ऐसे में सभी विद्यार्थी व शिक्षकों को चिट्ठी को लेकर खुलासे का इंतजार है।
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर के खिलाफ छात्राओं की ओर से जारी गुमनाम चिट्ठी को लेकर पिछले 10 दिनों से जांच जारी है। जांच के दौरान छात्राओं के बयान दर्ज करवाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से 10 जनवरी का समय दिन गया था। वहीं सोमवार को विश्वविद्यालय के शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों ने एमपी सेमिनार हाॅल में डेढ़ घंटे तक मंथन किया था। सेमिनार हॉल के सभी शिक्षक और गैर शिक्षक पहुंचे। सभी ने एकमत से गुमनाम चिट्ठी मामले में निष्पक्ष जांच होने की मांग की। ताकि भविष्य में कोई किसी शिक्षक की छवि खराब न कर सकें।
मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा
गुमनाम पत्र के माध्यम से अध्यापकों पर लगाए गए आरोपों के मामले मेंं चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के छात्रों ने भाजपा नेता जगदीश चोपडा को मुख्यमंत्री के नाम अपना मांग पत्र सौंपा। छात्र नेता नितिन एवं राजेंद्र कुमार ने कहा कि सीडीएलयू में छात्राओं के साथ घटित घटना की जांच सीएम विजिलेंस से जिले से बाहर करवाई जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो। सीडीएलयू में जांच होती है या सीडीएलयू का कोई कर्मचारी जांच कमेटी के साथ रहता है तो कोई तथ्य निकलकर नहीं आएगा। छात्र नेता राजेंद्र ने कहा कि इसे राजनीति मुद्दा बनाकर न छोड़ा जाए, इसकी पूर्ण जांच कराई जाए, ताकि आने वाले समय में भी छात्राएं अपने पढ़ाई जारी रखें। छात्र नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इसकी पारदर्शिता से जांच नहीं हुई तो आगामी छात्र संगठनों को मजबूरन लड़ाई लड़ने के लिए तैयार होना पड़ेगा। इस मौके पर सुभाष, दीक्षित, केवल, पवन, आदित्य, राघव, गौरव सहित अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।