पद्मश्री गुरविंद्र के साथ शोभावती व लेने आए परिजन।
सिरसा। दिव्यांग शोभावती, जोकि 12 साल पहले अपने परिजनों से बिछुड़ ट्रेन से डबवाली पहुंच गई। उसे भाई कन्हैया आश्रम में रखा गया। अब उसको परिवार मिल गया है। पुलिस व आश्रम के सदस्यों के प्रयासों से उसके घर का पता लगा उसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। पिछले तीन दिन से शोभावती के परिवारजन भाई कन्हैया मानव सेवा ट्रस्ट व शोभावती के संपर्क में थे। शनिवार को शोभावती को उसके परिवारजन लेने के लिए भाई कन्हैया आश्रम में पहुंचे। शोभावती को सुरक्षित पाकर भाई कन्हैया मानव सेवा ट्रस्ट का आभार व्यक्त किया।
परिवारजनों के अनुसार शोभावती लगभग 12 वर्ष पहले मानसिक परेशानी के चलते घर से निकल गई थी। लगभग 9 वर्ष पहले शोभावती डबवाली शहर के सड़क किनारे लावारिस घूमती हुई मिली तो किसी समाजसेवी द्वारा डबवाली शहर थाना में रिपोर्ट दर्ज करके उसी दिन भाई कन्हैया आश्रम में छोड़कर गए। आश्रम के सेवादारों द्वारा शोभावती के घर का पता लगाने के लिए कोशिश जारी थी। कुछ दिन पहले जगजीत सिंह इंचार्ज क्राइम ब्रांच यमुनानगर द्वारा शोभावती के घर का पता तलाशा व उसके परिवारजनों से संपर्क किया। पता चला कि शोभावती गांव कनेलाखास, कल्याणपुर बस्ती, उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। शोभावती को परिजनों को सौंपने के दौरान पद्मश्री सरदार गुरविंदर सिंह, सर्वजीत कौर, मेघनाथ शर्मा, हरदेव सिंह, बलराज सिंह बाजवा व अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।