सिरसा। एसडीएम ऑफिस में वाहन पंजीकरण को लेकर गड़बड़झाला सामने आया है। गुपचुप तरीके से एक कार का पंजीकरण किसी दूसरे के नाम कर दिया गया। एसडीएम ने इस बारे में जांच के आदेश दे दिए हैं, साथ ही क्लर्क और डाटा एंट्री ऑपरेटर को नोटिस भी जारी कर दिया है। एक सप्ताह के दौरान हुए सभी पंजीकरण की जांच होगी।
एसडीएम के वाहन पासिंग कार्यालय में बिना दस्तावेज जमा करवाए ही कार की आरसी दूसरे व्यक्ति के नाम किए जाने का मामला सामने आया है। एसडीएम जयवीर यादव ने कार्यालय के पंजीकरण क्लर्क और डाटा एंट्री ऑपरेटर को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुराना रिकॉर्ड खंगालने के भी निर्देश दिए हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
सूरतगढ़िया चौक निवासी कार मालिक निक्शांत ने मामले की शिकायत सीएम विंडो में दी। जिसके पश्चात मामला प्रकाश में आया। निक्शांत ने सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि उसके पास कार का बीमा, आरसी प्रदूषण व अन्य कागजात है। लेकिन आरसी किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर कर दी गई है। इसके संबंधित जब उसने एसडीएम कार्यालय में इस बाबत जानकारी हासिल करनी चाही तो बताया गया कि गाड़ी ट्रांसफर के लिए आवेदन आया था। रिकॉर्ड अनुसार मामला सही पाया गया। वहीं उन्होंने बताया कि इसके संबंधित उन्होंने न तो गाड़ी का सौदा किसी व्यक्ति के साथ किया है और न ही कोई ट्रांसफर के लिए आवेदन विभाग में जमा करवाया है। लेकिन इसके बाद भी विभाग ने आरसी किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर कर दी। जबकि आरसी ट्रांसफर करने के लिए एसडीएम सिरसा से अनुमति लेनी होती है और अधिकारी को इस मामले संबंधित कोई जानकारी तक नहीं है।
एप से मिली मामले की जानकारी
कार मालिक निक्शांत ने बताया कि कार संबंधित सभी दस्तावेज वह ऑनलाइन कार इंफो एप पर चेक कर रहा था। इस दौरान उसे अन्य सभी दस्तावेज सही मिले लेकिन आरसी किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज मिली। उनके पास पोलो कार है, जिसका नंबर एचआर 24वी 1835 है। जिसका मॉडल 2015 है। कार के सभी दस्तावेज उनके पास है। लेकिन ऑनलाइन कार की आरसी किसी दूसरे के नाम पर दिखाई जा रही है। रिकार्ड खंगालने में आरसी में नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर की गई है।
एसडीएम ने मांगा जवाब
कार की आरसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर करने के मामले में एसडीएम जयवीर यादव ने कार्यालय के रजिस्ट्रेशन क्लर्क और डाटा एंट्री ऑपरेटर को नोटिस जारी किया है। जिनसे एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है। जांच के बाद अगर इसमें गड़बड़ी पाई जाती है तो उक्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं अधिकारी ने वाहन पासिंग संबंधित पुराने रिकॉर्ड को खंगालने के भी निर्देश दिए हैं।
पहले भी दिव्यांगों के लाइसेंस बनाने और फर्जी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट बनाने के मामले आ चुके सामने
एसडीएम कार्यालय द्वारा पहले भी दिव्यांगों के सामान्य लाइसेंस बनाने और फर्जी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट बनाने के मामले सामने आ चुके हैं। इस संबंधित मामलों की भी जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है। हालांकि कुछ समय पहले भी फर्जी आरसी बनाने के मामले में कई आरोपियों को पकड़ा गया था। जिसमें दूसरे जिलों के कर्मचारियों ने अधिकारियों को बिना बताए ही फर्जी आरसी बना बोली पर लिए हुए वाहनों को लोगों को बेचा गया था। जिसका गिरोह सिरसा पुलिस द्वारा पकड़ा गया था।
कार की आरसी दूसरे के नाम करने मामले में रजिस्ट्रेशन क्लर्क और डाटा एंट्री ऑपरेटर को नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह में उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। जांच के बाद अगर कर्मचारी दोषी पाए जाते है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरसी बनाने का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा।
- जयवीर यादव, एसडीएम, सिरसा।