सिरसा। डेरा सच्चा सौदा और उसकी कॉलोनियों को विशेष रूप से पेयजल सुविधा के लिए नहरी मोघा खोलने के विरोध में आठ गांवों के किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। 120 ट्रैक्टरों पर सवार होकर किसान पांच किलोमीटर मार्च निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे। वहीं उपायुक्त ने किसानों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए आठ सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। जिसमें सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ किसानों को शामिल किया गया है। 15 दिनों के अंदर सभी बनमंदौरी माइनर से दिए गए मोघे के असर का आकलन करेंगे और अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन आगामी निर्णय लेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले दोपहर बाद बाजेकां मोड़ पर धरनारत आठ गांवों के किसान ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय परिसर पहुंचे। किसान दिल्ली-हिसार रोड से बस स्टैंड होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान बस स्टैंड व भूमण शाह चौक पर जाम की स्थिति बनी गई। वहीं पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए भूमण शाह चौक पर अवरोधक लगा दिए ताकि किसान उपमुख्यमंत्री व बिजली मंत्री के आवास तक न पहुंचे।
किसान नेता स्वर्ण सिंह विर्क ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि डेरा सच्चा सौदा व शाह सतनामपुरा कालोनी बनमंदोरी माइनर से जुड़ी है और पहले से काफी पानी उन्हें दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासनिक अधिकारियों ने मेजर नहर से मोघा मंजूर किया है। इससे उनके हिस्से का पानी कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में हम अपने हिस्से का पानी नहीं देने देंगे। इसी के चलते पिछले 56 दिनों से वे धरना देकर बैठे हैं।
बुधवार को 9 सदस्यीय किसान कमेटी उपायुक्त से मिली और उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा। जिसके बाद उपायुक्त ने किसानों और अधिकारियों की कमेटी का गठन कर 15 दिनों में रिपोर्ट देने के आदेश दिए। इस अवसर पर किसान नेता रवि आजाद, भरत सिंह, हमजिंद्र सिद्धू व जिंगा नानूवाना, जगदीश खिचड़, गुरदित्ता बाजेकां, रामकुमार राड़, पृथ्वी डेलू, सोहनलाल, मास्टर रामचंद्र, जयमल सेठ, पूर्णराम पूर्व सरपंच, नरसी भुकर, ठाकुर दिवाकर सिंह व सुखदेव सिंह आदि उपस्थित रहे।
अनुमानित आंकड़ा -
शाह सतनामपुर, उपकार कॉलोनी व अन्य कॉलोनियों में कुल मकान 5000 अनुमानित
शाह सतनामपुर और उपकार कॉलोनी में कुल आबादी - 13000 अनुमानित
डेरा सच्चा सौंदा में रहने वाले नियमित लोग 1500 सेवादार
56 दिनों से धरने पर बैठे हैं किसान
डेरा सच्चा सौदा और उसकी कॉलोनियों को पानी देने को लेकर विशेष मोघा दिए जाने का ग्रामीण 56 दिनों से विरोध जता रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार डेरा व उसकी कॉलोनियों को पहले ही पानी दिया जा रहा है। ऐसे में अलग से मोघा दिया जाता है, तो ग्रामीणों को फसलों के लिए पूरा पानी नहीं मिल पाएगा। जिससे फसल खराब हो जाएगी और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
कमेटी में ये लोग हैं शामिल
जिला उपायुक्त की ओर से 8 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें किसान रामकिशन फौजी, सरपंच राजेंद्र, मास्टर रामचंद्र व स्वर्ण सिंह विर्क, एसडीएम राजेंद्र सिंह, डीएसपी जगत सिंह, सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन शामिल होंगे। कमेटी 15 दिन के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेंगी।