सिरसा। रानियां रोड स्थित बाबा तारा कुटिया में शिव महापुराण कथा के चौथे दिन सीहोरवाले कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। कथावाचक ने कहा कि अहंकार, क्रोध, तृष्णा, और वासना की अग्रि में जलने वाले व्यक्ति को संतों की वाणी का श्रवण करना चाहिए। आपका कल्याण हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोई भी गुरु, संत, साधु, साधक, उपासक, सतगुरु अपने भक्त को भिखारी नहीं बनाता। वे अपनी तिजोरी में से भक्त को धन भी नहीं देते पर ऐसा रास्ता जरूर दिखाते है। जहां पर जीवन का हर सुख और सफलता मिलती है। जो असली संत या गुरु होगा वह आपको कभी भी रुपया पैसा नहीं देगा गुरु पर भरोसा करना वो बिना मांगे सब कुछ दे देगा। महाराज ने कहा कि जब कथा सुनने आओ तो भूलकर भी व्यासपीठ पर पैसा मत चढ़ाना, कोई भेंट मत चढ़ाना, भगवान शिव से कभी भी कोई वस्तु मत मांगना, अगर मांगना तो उनसे एक बेलपत्र जरूर मांगना।
उन्होंने कहा कि ईश्वर के दरवाजे से कोई खाली नहीं जाता, गुरुघर से कोई भूखा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि देवों के देव महादेव शिव ऐसे हैं जो भक्त को तो तारते ही हैं, वो पापी को भी तारते हैं। रावण की शादी से पहले जब मंदोदरी से भेंट हुई तो रावण ने एक सवाल किया था कि ऐसा कौन है जो भक्त को भी और पापी को तारता है तब मंदोदरी ने जवाब दिया था कि ऐसे तो देवों के देव महादेव हैं। मंदोदरी ने रावण से पूछा था कि वह भक्त या पापी। तो रावण ने कहा था कि इस मृत्युलोक में हर व्यक्ति कभी न कभी झूठ जरूर बोलता है उससे पाप जरूर होता है।
उन्होंने कहा कि एक बात समझ लेना कि जहां पर सत्य है वहां पर शिव है, जहां शिव है वहीं सुंदर है। उन्होंने कहा कि जब भी शिवालय में जाओ तो किसी से पैसा मांगकर मत चढ़ाना, ऐसा करोगे तो भोलनाथ को बुरा लगेगा। जब तेरा बाप सामने बैठा है तो दुनिया से मांगने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि वाणी का मूल ही विश्वास है, शिव पर विश्वास करो सारे कष्ट कट जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिव की आरती में ज्योति के दर्शन जरूर करना। जन्म के समय जीव को जो ज्योति मिलती है वह शिव ही देता है और मरण के बाद वहीं ज्योति शिव के पास चली जाती है इसलिए शिव को ज्योतिर्लिंग भी कहा जाता है।