सिरसा। स्वच्छ सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग हासिल करने के लिए नगर परिषद ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए जहां एक ओर कूड़ा प्रबंधन को लेकर जनता को जागरूक किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग ही रखें। साथ ही नगर परिषद ने 3-आर पॉलिसी भी अपनाई है ताकि वस्तुओं को सीधा कूड़े में फेंकने की बजाय दोबारा प्रयोग करने लायक बनाया जा सके। इसके लिए सक्षम युवाओं को काम पर लगाया गया है।
घर, दुकान और संस्थानों से निकलने वाले कूड़े में बहुत सा सामान ऐसा होता है जिसका दोबारा प्रयोग आसानी से किया जा सकता है। लेकिन लोग ध्यान नहीं देते और कूड़े में फेंक देते हैं। इसलिए नगर परिषद ने सक्षम युवाओं की टीमें तैयार कर आमजन को जागरूक करने का काम शुरू किया है। ताकि कूड़ा भी कम हो और प्लास्टिक-कागज को कूड़े में डालने की बजाय या तो दोबारा प्रयोग किया जा सके या फिर कबाड़ी को बेचें। इससे कूड़ा घटेगा और कबाड़ी का रोजगार भी बढ़ेगा। साथ ही कूड़ा बेचने पर आमदन भी होगी।
मार्च माह में बढ़ी रद्दी, गत्ते की मात्रा, नप अधिकारी बोले- इन्हें फेंकने की बजाय कबाड़ी को बेचें
स्कूली शिक्षा सत्र मार्च माह में खत्म हो जाएगा। ऐसे में घरों से बच्चों की पुरानी किताबें, कापियां और गत्ते निकाले जा रहे हैं। नगर परिषद के अधिकारी बताते हैं कि इन दिनों कूड़े में प्लास्टिक, किताबें-कापियों की संख्या बढ़ गई है। हालांकि सामान्य तौर पर लोग रद्दी और प्लास्टिक को कबाड़ी को बेचते हैं ताकि उस सामान के बदले कुछ पैसे मिल जाएं लेकिन पॉश एरिया के निवासी इस झंझट से बचने के लिए कूड़े में फेंकते हैं। इतना ही नहीं स्लम बस्ती के लोग भी इस बात पर ध्यान नहीं देते जिससे कूड़े की मात्रा बढ़ती है। ऐसे में नप की ओर से आह्वान किया गया है कि घरों से निकलने वाले इस सामान को कबाड़ी को बेचें ताकि उसके बदले रुपये मिल जाएं और कबाड़ी का भी रोजगार बढ़े।
नॉलेज : नप की नई 3-आर पॉलिसी, जागरूकता पर जोर
नगर परिषद ने कूड़ा प्रबंधन के लिए नई 3-आर पॉलिसी पर जोर देना शुरू किया है। इसके तहत रिड्यूज, रि-यूज और रिसाइकिल में परिभाषित किया है।
रिड्यूज : किसी भी वस्तु की खपत कम करने पर जोर दिया जा रहा है। यानी बहते हुए पानी को रोका जाए और बेवजह बिजली के उपकरण भी नहीं चलते रहने चाहिए ताकि ऊर्जा बचे।
रि-यूज : किसी वस्तु को केवल एक बार प्रयोग कर फेंकने की बजाय, उसका दोबारा प्रयोग किया जाए। जैसे प्लास्टिक के सामान को फेंकने की बजाय दोबारा किसी अन्य काम में प्रयोग करें।
रिसाइकिल : पुराने प्लास्टिक को कबाड़ी को बेचें ताकि उसे गलाकर दोबारा नई वस्तु तैयार हो सके। पानी की खाली बोतलों का भी रिसाइकिल किया जा सकता है।
नगर परिषद की ओर से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जहां एक ओर गीला-सूखा कचरा अलग-अलग करने पर जोर दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर नप की 3-आर पॉलिसी को लेकर भी जागरूक कर रहे हैं। इससे पर्यावरण भी प्रदूषित होने से बचेगा। अभियान का सकारात्मक परिणाम भी अब सामने आ रहा है। नप की ओर से कबाड़ी का काम करने वालों को भी जागरूक किया गया है ताकि वे पहले से ज्यादा मेहनत करें।
-जतिन गोयल, नोडल ऑफिसर, नगर परिषद, सिरसा।