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सिरसा: जेल में बंदियों को रोजगार देने के लिए बनाया जाएगा पेट्रोल पंप, दिन में बंदी तो रात को पुलिस कर्मी करेंगे काम

Sat, 12 Mar 2022 11:08 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा) 

सार

डीजीपी जेल मोहम्मद अकील ने सिरसा जिला जेल में निरीक्षण के दौरान बंदियों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों से जेल का विस्तार करने को लेकर भी चर्चा की। सिरसा जेल में नशा मुक्ति केंद्र भी खुलेगा।
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जिला जेल का निरीक्षण करते डीजीपी जेल मोहम्मद अकील। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा में सिरसा जिला जेल में बंद 70 फीसदी बंदी नशे के पीड़ित हैं। इन बंदियों को नशे की गिरफ्त से बाहर लाने के लिए जेल में अब नशा मुक्ति केंद्र खोला जाएगा। वहीं इन्हें रोजगार देने के लिए सिरसा में पेट्रोल पंप भी खोला जाएगा। पेट्रोल पंप पर दिन में बंदी और रात में पुलिस कर्मी काम करते हुए नजर आएंगे। नशा मुक्ति केंद्र के लिए डीजीपी की ओर से भवन का भी चयन किया गया है। जिसमें नशे के आदी बंदियों का इलाज किया जाएगा। 

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वहीं शनिवार को डीजीपी जेल मोहम्मद अकील जेल का निरीक्षण करने के लिए बरनाला रोड स्थित जिला जेल में पहुंचे। इस दौरान उनके साथ एसपी डॉ. अर्पित जैन, जिला जेल अधीक्षक शेर सिंह व अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। जेल का निरीक्षण करने दौरान उन्होंने बैरक, जेल अस्पताल, भोजनालय, फैक्टरी सहित बने हुए भवनों का निरीक्षण किया।

जेल में बंद बंदियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्होंने इसके विस्तार को लेकर भी जेल अधीक्षक और अन्य अधिकारियों से बातचीत की व रिपोर्ट तैयार के आदेश दिए। जिला जेल में कैदियों को रखने की क्षमता करीब 500 के लगभग थी। लेकिन अब जेल में करीब 1150 कैदियों को रखा जा रहा है। जिसके कारण कैदियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। 
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बंदियों में 70 फीसदी अपराधी नशे के हैं आदी 
जिला जेल में अब करीब 1150 बंदी है। इनमें से 70 फीसदी बंदी नशे के आदी हैं। वहीं डीजीपी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नशे के आदी बंदियों को नशे की गिरफ्त से निकालने के लिए नशा मुक्ति केंद्र बनाया जाएगा। जिसके लिए जेल के ही एक भवन का चयन किया गया है। पूरे भवन को नशा मुक्ति केंद्र में बदला जाएगा। ताकि जो भी बंदी जेल में आया है वह नशे से छुटकारा पाकर ही जेल से बाहर जा सके। 

पेट्रोल पंप खोलने को लेकर भी चल रही तैयारी 
जेल में पहले से ही बिस्कुट की फैक्टरी चलाई जा रही है। ऐसे में अब इन बंदियों को रोजगार देने के लिए पेट्रोल पंप भी लगाने की तैयारी की जा रही है। वहीं डीजीपी जेल मोहम्मद अकील ने बताया कि कुरुक्षेत्र में पहला पेट्रोल पंप लगाया जाना है। इसके बाद सिरसा में भी पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी की जा रही है।

पेट्रोल पंप जल्द शुरू करने के लिए उन्होंने इंडियन ऑयल कारपोरेशन से बातचीत भी की है। पेट्रोल पंप पर दिन में तो बंदी काम करेंगे जबकि रात को कर्मी इस पर काम करेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि जेल के भवन की मरम्मत और इसके विस्तार को लेकर भी अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। 

पेरोल न मिलने को लेकर कैदियों ने उठाए सवार 
जिला जेल में निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों के साथ भी बातचीत की। इस दौरान बंदियों ने समय पर पेरोल न मिलने की बात रखी। जिसके बाद डीजीपी ने पेरोल देने वाले अधिकारियों से बातचीत की और उन्होंने इस समस्या का समाधान करने के भी आदेश दिए हैं। वहीं उन्होंने कहा कि दूसरे जिलों में भी जेलों का विस्तार किया जा रहा है। वहीं उन्होंने कहा कि फतेहाबाद और हांसी में भी जेल का निर्माण किया जाना है। वहीं हिसार की जेल को शहर के बाहर शिफ्ट करने को लेकर भी तैयारी की जा रही है।  

कारागार व सुधार गृह रखा जाएगा जेल का नाम 
जेल का नाम बदलने को लेकर भी उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि जेल में पहुंचने वाले बंदी को सुधार के बाद बाहर भेजा जाता है। उनको कारागार में रखने के साथ सुधार भी किया जाता है। जिसके चलते जेल का नाम बदलकर कारागार व सुधार गृह रखा जाएगा।

वहीं उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से बंदियों के लिए जेल को दो भागों में बांटा जाएगा। सेवमी ऑपन व ऑपन जेल में बदला जाएगा। सेवमी ऑपन में उन बंदियों को रखा जाएगा जिनका सुधार किया जाना है। जबकि ऑपन जेल में वह बंदी रखे जाएंगे जो बंदी सुधर चुके है और वह समाज के लोगों से मिल जुल सकेंगे। 

आत्महत्या मामले को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों से की बातचीत 
जिला जेल में बंदियों द्वारा किए जाने वाले आत्महत्या को लेकर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि नशा अधिक होने के कारण जेल में पहुंचने वाले बंदी काफी परेशान होते हैं। ऐसे में उन बंदियों को जेल में उपचार दिया जाएगा और उनको नशे से छुटकारा दिलवाया जाएगा। वहीं उन्होंने अगर कोई बंदी मानसिक रूप से परेशान होता है तो उसका अस्पताल में इलाज किया जाएगा। ताकि कोई भी बंदी इस तरह का कदम न उठा सके।

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