सिरसा। सरकारी के खर्च पर तीन चिकित्सकों ने पीजी कोर्स करने के बाद अस्पताल में सेवाएं न देने पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। चिकित्सकों ने पीजी कोर्स पर खर्च सरकार के 25-25 लाख रुपये भी नहीं लौटाए। इसके बाद विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही सरकार ने सख्त कार्रवाई के आदेश भी जारी किए हैं।
लंबे समय से तीनों चिकित्सकों की ओर से ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर वहीं विभाग की ओर से सरकार को मामले की शिकायत भेजने के बाद सरकार ने सिविल सूट दायर करने की हिदायत दी है। इसके अलावा हरियाणा एंव पंजाब मेडिकल काउंसिल को भी पत्र लिखा है। अब तीनों डॉक्टरों से गैरहाजिर तिथि से ब्याज सहित राशि वसूली जाएगी।
यह चिकित्सक हैं लंबे समय से गैरहाजिर
ड्यूटी से गैरहाजिर हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और चौटाला से मनोरोग विशेषज्ञ ने नागरिक अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन की। इसके बाद सरकार के बांड पर तीन साल का पीजी कोर्स किया। लेकिन इसके बाद बिना बताए ड्यूटी से गैरहाजिर हैं। वहीं सरकार से एग्रीमेंट के तहत पीजी कोर्स के बाद 7 साल सरकारी नौकरी नहीं की और सरकार के 25 लाख रुपये भी नहीं लौटाए। अब स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। चिकित्सकों को 19.16 लाख रुपये ब्याज सहित 25 लाख रुपये लौटने का नोटिस जारी किया गया है। ऐसे चिकित्सकों को ब्याज सहित 25 लाख की राशि वापस नहीं करते तो उन पर सिविल सूट दायर किया जाएगा।
नागरिक अस्पताल से बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ व चौटाला से मनोरोग विशेषज्ञ सहित तीनों चिकित्सकों ने पीजी कोर्स पूर्ण किए जाने के बाद भी बांड के अनुसार 7 साल सरकारी नौकरी नहीं की और न पैसे जमा करवाए। उक्त तीनों चिकित्सक कई साल से बिना बताए गैरहाजिर हैं। इनको कारण नोटिस जारी किया है और हरियाणा-पंजाब मेडिकल काउंसिल को भी पत्र लिखा गया है। राशि नहीं लौटाने पर सिविल सूट दायर करने आदेश हैं ।
- डॉ. मनीश बांसल, सीएमओ सिरसा