संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश में 60 हजार बेसहारा गोवंश को गोशालाओं और नंदीशालाओं में पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री ने अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान 16 फरवरी से 29 तक चलना है। इसी कड़ी में नगर परिषद प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।
जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने 20 फरवरी को सभी गोशाला व नंदीशाला संचालकों की बैठक बुलाई है। गोशाला संचालकों ने भी सरकार के 40 रुपये प्रति पशु देने की घोषणा को लेकर खुशी जताई है। संचालकों के अनुसार यदि घोषणा के अनुसार पैसा दिया जाता है तो गोशालाएं व नंदीशालाएं बेसहारा पशुओं को सड़कों पर नहीं घूमने देगी। पशुओं के निर्धारित पैसा नहीं मिलने पर ही गोशालाओं को हाथ पीछे करने पड़ते हैं। पशु पकड़ने वाले ठेकेदार ने दावा किया है कि वह एक माह में दो हजार से ज्यादा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में पहुंचा देगा। बस शर्त है कि प्रशासन पुलिस सुरक्षा और गोशालाओं से जगह दिलवा दे।
ऐसी स्थिति में अब देखना यह है कि प्रशासन की मंगलवार को होने वाली बैठक में क्या निर्णय होता है। वीरवार को जिला नगर आयुक्त ने पशु पालन विभाग के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की और जिले की मौजूदा स्थिति जानी ।
एक माह पहले चलाया था अभियान
सड़कों पर बेसहारा पशु नजर घूमते रहते हैं और डंपिंग प्वाइंटों पर कचरा खाते नजर आते हैं। शहर में मुख्य रूप से लघु सचिवालय, बस स्टैंड, डाकखाना के पास बेसहारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। इस लेकर एक माह पहले नगर परिषद ने अभियान चलाया था और दो सौ पशु पकड़े थे। इसके बाद से नगर परिषद का पशु पकड़ो अभियान बंद है।
पशु पालन विभाग के अधिकारियों से बातचीत की गई है और बेसहारा पशुओं की स्थिति जानी है। गोशालाओं और नंदीशालाओं के संचालकों के साथ 20 फरवरी को बैठक की जाएगी। इसके बाद आगामी कदम उठाया जाएगा। - सुरेंद्र सिंह, जिला नगर आयुक्त ।
हमारी कोई बातचीत नहीं हुई है। दो माह पहले ही पशु दिए थे। प्रशासन गोसेवा आयोग ने स्कीम चलाई थी।100 पशु से ऊपर लेगा तो पैसा दिया जाएगा। एक लाख रुपये महीना देना है। 40 रुपये देने की घोषणा दी है व चारा देंगे। कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। 200 पशुओं की व्यवस्था करेंगे। शेड की मांग भी है। - पवन बंसल , प्रधान केलनियां नंदीशाला
प्रशासन मुझे यह अवगत करवा दे कि बेसहारा पशुओं को किसी गोशाला में पहुंचाना है। एक माह में दो हजार पशुओं को सड़कों से गोशालाओं और नंदीशाला में पहुंचा दिया जाएगा। - विकास गुर्जर, ठेकेदार