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एमओयू : अब सीडीएलयू और केयू करेंगी मिलकर काम, रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

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एमओयू पर साइन करते कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय और चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के अधिकारी। - फोटो : Sirsa
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। सीडीएलयू ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के साथ एमओयू साइन कर लिया है। इससे अब सीडीएलयू और केयूके के भौतिकी (फिजिक्स) विभाग के विद्यार्थी दोनों विश्वविद्यालयों की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और रिसर्च स्कॉलर्स को शोध कार्य के लिए दूसरे विश्वविद्यालयों या रिसर्च लैब में जाकर महंगी फीस देकर शोध नहीं करना पड़ेगा। सीडीएलयू भी जल्द ही अपने विभाग की लैब के लिए महंगे उपकरण खरीदेगी।
सीडीएलयू के भौतिकी विभाग में पढ़ाई कर रहे रिसर्च स्कॉलर्स और विद्यार्थियों को कई बार सीमित सुविधाओं के कारण दूसरे विश्वविद्यालयों में जाना पड़ता था। लैब में जाकर महंगी फीस अदा करके शोध करना पड़ता। ऐसे में सीडीएलयू प्रशासन ने विद्यार्थियों की समस्या को देखते हुए नया कदम उठाया। सीडीएलयू के वीसी प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने विभागाध्यक्ष प्रो. धर्मवीर से मंथन के बाद फैसला लिया कि क्यों न दूसरे विश्वविद्यालय से एमओयू साइन किया जाए। इससे यहां के विद्यार्थी दूसरे विश्वविद्यालय के अनुभवी शिक्षकों, अत्याधुनिक लैब और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। साथ ही सीडीएलयू की नैक रैंकिंग सुधरने में भी मदद मिलेगी।
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दोनों विश्वविद्यालयों के अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ एमओयू
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा केयू की ओर से कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा तथा सीडीएलयू की ओर से कुलसचिव प्रोफेसर मोनिका वर्मा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान सीडीएलयू के वीसी प्रो. अजमेर मलिक ने कहा कि यह एमओयू दोनों विश्वविद्यालयों के लिए शिक्षा, शोध एवं विज्ञान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। केयूके के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इस एमओयू के जरिए दोनों विभाग अनुसंधान सुविधाओं को साझा करेंगे। अनुसंधान और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए शोध विद्यार्थियों और संकायों का अदान-प्रदान होगा। इस दौरान केयू की डीन एकेडमिक अफेयर प्रोफेसर मंजूला चौधरी, सीडीएलयू भोतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मबीर सिंह, केयूके के प्रो. फकीर चंद, प्रो. आरके मौदगिल, प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. अन्नू शर्मा, डॉ. सुमन महेंदिया और डॉ. हरदेव सिंह मौजूद रहे।
विद्यार्थियों को ये होगा लाभ
इस एमओयू के माध्यम से संकायों के आदान-प्रदान हो सकेगा।
अतिथि व्याख्यान कार्यक्रम, सहयोगी अनुसंधान किया जा सकेगा।
अनुसंधान परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण और निष्पादन हो जाएगा।
उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण के विकास के विभिन्न क्षेत्रों में बौद्धिक विचार और तकनीकी सहायता साझा की जा सकेगी।
यह समझौता ज्ञापन पांच साल के लिए प्रभावी होगा और दोनों विभागों के लिए फायदेमंद होगा।
रिसर्च के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
सीडीएलयू प्रशासन भौतिकी विभाग में लैब के लिए नई मशीनें मंगवाएगा। इससे शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। कई बार यहां सुविधा न होने के कारण विद्यार्थियों को दूसरी लैब में जाना पड़ता है। वहां महंगी फीस अदा करनी पड़ती है। लेकिन अब जल्द ही सीडीएलयू प्रशासन नई मशीनें उपलब्ध करवाएगा।
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सीडीएलयू का भौतिकी विभाग वीसी प्रो. अजमेर सिंह मलिक के मार्गदर्शन में बेहतर तरीके से काम कर रहा है। इसी का परिणाम है कि यहां के पासआउट विद्यार्थी न केवल देश के बड़े शिक्षण संस्थानों तक पहुंचे हैं, बल्कि विदेेशों में भी पहुंच बना चुके हैं। हमारे विभाग की शोधार्थी सुनिधि पूनिया ने जेआरएफ टेस्ट में देश भर में 11वीं रैंक हासिल की, जबकि कंचन और तमन्ना ने भी अच्छा रैंक प्राप्त किया है। 19 रिसर्च स्कॉलर्स हैं, जिनमें 8 जेआरएफ क्लीयर हैं। - डॉ. धर्मवीर अहलावत, अध्यक्ष, भौतिकी विभाग, सीडीएलयू।
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