संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। एक वर्ष से श्रमिकों को योजनाओं का लाभ न दिए जाने के विरोध में भवन निर्माण मजदूरों ने जिला श्रम अधिकारी के खिलाफ शहर में प्रदर्शन किया। मजदूरों ने शहर के बाबा भूमण शाह चौक पर करीब एक घंटे तक धरना लगाकर श्रम अधिकारी का पुतला फूंका। इसके बाद मजदूरों ने श्रम अधिकारी कार्यालय का करीब ढाई घंटे तक घेराव किए रखा और बाद में श्रम अधिकारी को मांग पत्र सौंपकर प्रदर्शन खत्म कर दिया। मजदूरों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह 29 मई को ओढां में मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे।
मंगलवार को भवन निर्माण श्रमिक यूनियनों के संयुक्त मोर्चा के बैैनर तले सभी मजदूर शहर के डबवाली रोड स्थित टाउन पार्क में एकत्रित हुए। मजदूरों ने यहां पर बैठक की और श्रम अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन के जिला प्रधान कुलदीप सिंह ने की। दोपहर साढ़े 11 बजे सभी मजदूर रोष प्रदर्शन करते हुए बाल भवन रोड से होते हुए बाबा भूमण शाह चौक पर पहुंचे और धरना दे दिया। करीब एक घंटा धरना देने के बाद मजदूरों ने श्रम अधिकारी का पुतला फूंका और प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय के साथ स्थित श्रम अधिकारी कार्यालय का घेराव कर दिया। मजदूर यहां पर करीब ढाई घंटे तक श्रम अधिकारी कार्यालय का घेराव किए रखा और बाद में मांग पत्र सौंप दिया।
मजदूर बोले अधिकारी कर रहा मनमानी, मृतकों की भी मांग रहा वर्क स्लिप
जिला प्रधान कुलदीप सिंह और मंगत राम ने कहा कि श्रम अधिकारी की ओर से बीते एक वर्ष से उन्हें किसी भी तरह की योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। मृतक मजदूर को मिलने वाला लाभ जब उनके परिजन लेने के लिए पहुंचते है तो अधिकारी उसकी वर्क स्लिप मांगता है। उन्होंने अधिकारी के भ्रष्ट होने के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष से न तो उनके नए कार्ड बनाए जा रहे हैं और न ही छात्रवृत्ति, कन्या योजना, सहित अन्य कोई भी योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जब वह 90 दिन की वर्क स्लीप लेकर पहुंचते है तो अधिकारी अपनी मनमर्जी से उसमें खामियां निकालकर वापस भेज देता है। इसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चौक पर बनी जाम की स्थिति, वाहन चालक हुए परेशान
शहर के बाबा भूमण शाह चौक पर प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुरुषों की ओर से धरना दिए जाने पर रोड के एक तरफ की आवाजाही बंद हो गई। इसके कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान चौक के एक तरफ वाहनों का जाम लग गया। जैसे तैसे कर पुलिस ने जाम में फंसे बड़े वाहनों को वहां से निकाला और रूट को डायवर्ट कर दिया। मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से उपमुख्यमंत्री और बिजली मंत्री आवास की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया।