महापंचायत को संबोधित करते किसान नेता।
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डबवाली। रविवार को नई अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर राष्ट्रीय किसान संगठन हरियाणा द्वारा भारतीय मजदूर व किसान संगठनों के सहयोग से महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों किसानों ने पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
मुख्य वक्ता के तौर पर गुरनाम सिंह चढूनी, बलवीर सिंह राजेवाल, सुमन हुड्डा, दीपका मेहता ने शिरकत की। अपने संबोधन में गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार किसानों के आंदोलन को जबरदस्ती दबाना चाहती है। जिसका उदाहरण लखीमपुर खीरी की घटना है। वहां पर भाजपा नेताओं ने गाड़ी चढ़ाकर चार किसानों की हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी किसान आंदोलन को कुचलने की कोशिश की जा रही है। ऐलनाबाद उपचुनाव के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें भाजपा और जजपा को हराना है और इनका विरोध भी शांतिपूर्वक ढंग से करना है। किसी तरह की कोई तोड़फोड़ या जबरदस्ती नहीं करनी है। उन्होंने कहा कि सभी किसान भाई मिलकर इस उपचुनाव में भाजपा-जजपा के प्रति विरोध दर्ज करवाएंगे और किसी भी रूप में उन्हें वोट नहीं डालेंगे। इसके बाद उन्होंने महापंचायत के सफल आयोजन को लेकर डबवाली हलके के किसान संगठनों का आभार व्यक्त किया। इस मौके राष्ट्रीय किसान संगठन के जसवीर सिंह भाटी, एसपी सिंह मसीतां, जसवीर अलीकां गुरप्रेम सिंह देसूजोधा, मलकीत सिंह पन्नीवाला मोरीका, वेद प्रकाश डांगी, मिठ्ठू कंबोज आदि उपस्थित रहे।
गुरुद्वारे से भाजपा प्रत्याशी को धक्के मार बाहर निकलाना सही नहीं : चढूनी
सिरसा। संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने ऐलनाबाद में भाजपा जजपा उम्मीदवार गोबिंद कांडा और उनके समर्थकों को गुरुद्वारे से बाहर निकालने मामले की निंदा करते हुए किसानों के विरोध के तरीके को गलत बताया है।
रविवार को गुरनाम सिंह चढूनी सिरसा के निजी पैलेस में किसानों से मिलने के लिए पहुंचे। वहीं पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा उन्होंने कहा कि ऐलनाबाद में किसानों द्वारा विरोध करने का तरीका गलत था। किसानों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अपील करते हुए कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने किसी भी पार्टी को समर्थन नहीं दिया है और न ही ऐलनाबाद में मोर्चे का कोई भी उम्मीदवार है। गुरनाम सिंह चढूनी ने अभय चौटाला पर पलटवार करते हुए कहा कि अभय सिंह चौटाला को ऐलनाबाद विधानसभा से इस्तीफा नहीं देना चाहिए। बल्कि विपक्ष में बैठकर कृषि कानूनों को लेकर सरकार का विरोध करना चाहिए था। वहीं उन्होंने कहा कि उनकी और से अब शांतिपूर्वक तरीके से ही भाजपा का विरोध किया जाएगा। लेकिन कोई अन्य संगठन अशांति फैलाता है तो उसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि गांव-गांव में जाकर लोगों से जेजेपी बीजेपी को वोट न देने की अपील करे।