हरियाणा के सिरसा में आढ़ती से 16 लाख रुपये उधार लेकर नहीं लौटाने के मामले में न्यायालय ने आरोपी किसान हरगोबिंद को दोषी करार देते हुए 2 साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी को दोगुना मुआवजा के रूप में शिकायतकर्ता को 32 लाख 20 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। मुआवजा राशि 30 दिन में देने होगी, नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार नई अनाज मंडी की दुकान नंबर 53 में मेसर्स प्रकाश चंद रामपाल कमीशन एजेंट फर्म है। गांव मल्लेका निवासी हरगोबिंद इस फर्म में अपनी फसल बेचता था और रुपये उधार भी ले जाता था। 27 जून 2017 तक हरगोबिंद पर फर्म के 16 लाख 10 हजार रुपये बकाया थे।
हरगोबिंद ने ब्याज सहित राशि लौटाने का वादा किया और इतनी राशि का चेक फर्म को दे दिया। रुपयों का भुगतान नहीं करने पर फर्म ने ये चेक बैंक में लगाया तो चेक बाउंस हो गया। इसके बाद फर्म ने 13 मई 2019 को न्यायालय में आरोपी हरगोबिंद के खिलाफ न्यायालय में केस दायर किया। मंगलवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायालय ने आरोपी हरगोबिंद को दोषी करार देते हुए 2 साल कैद की सजा सुना दी।