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Sirsa News: शिक्षा विभाग ने एनएसक्यूएफ के तहत कोर्स शुरू करने के लिए राजकीय स्कूलों से मांगा प्रस्ताव

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सिरसा। जिले के राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ अब हाथ का हुनर भी सिखाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने जिले के राजकीय स्कूलों से एनएसक्यूएफ यानि राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क फ्रेमवर्क के तहत स्किल कोर्स खोले जाने का प्रस्ताव मांगा है। इसी प्रस्ताव के आधार पर विभिन्न स्कूलों में स्किल कोर्स शुरू किए जाएंगे।
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राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के किताबी ज्ञान के साथ हाथ का हुनर भी सिखाने का काम किया जा रहा है। इन कोर्सों के माध्यम से विद्यार्थी बारहवीं कक्षा को उत्तीर्ण करने बाद सीधे नौकरी या फिर अपना काम कर पाएंगे। राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत उन्हें यह अवसर मिलेगा। एनएसक्यूएफ के तहत कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को ऐच्छिक विषय दिया जाता है।
शिक्षा विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 194 राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। जिसमें से 79 स्कूलों में पहले से ही ये कोर्स चल रहे हैं। शेष 115 स्कूल अब वोकेशनल कोर्स खोलने के लिए प्रस्ताव भेज सकते हैं। इन 79 राजकीय स्कूलों में 14 विभिन्न कोर्सों के तहत 154 स्किलस चलाई जा रही हैं। प्रदेशभर में और स्कूलों में कोर्स शुरू करने के लिए सिरसा, फतेहाबाद, मेवात व अंबाला का चयन किया गया है।
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खंड में इस प्रकार है कोर्स वाले स्कूलों की संख्या
खंड का नाम, स्कूलोंं की संख्या
- बड़ागुढां, 8
- डबवाली, 17
- ऐलनाबाद, 10
- चोपटा, 10
- रानियां, 10
- ओढां, 7
- सिरसा, 17
कोर्स मांगने का पूछा जाएगा कारण
कोर्स शुरू होने से पहले राजकीय स्कूलों के विद्यालयों को कोर्स की मांग शिक्षा विभाग को देनी होगी। जिसके बाद ही स्कूलों में वह कोर्स शुरू किए जाएंगे। जानकारी में राजकीय स्कूलों को बताना होगा कि जिस कोर्स की उन्होंने मांग की है उसका फायदा क्या है। कितने विद्यार्थी इस कोर्स से लाभांवित हो सकते हैं। ये ही कोर्स क्यों चाहिए, बच्चों की कितनी मांग है इस कोर्स को लेकर। हर प्रकार की जानकारी स्कूलों को विभाग को देनी होगी।
स्कूलों में चल रहे ये कोर्स
- बैंकिंग और इंश्योरेंस
- हेल्थ केयर
- ब्यूटी एंड वैलनेस
- आईटी
- आईटीईएस
- फाइनेंशियल सर्विसेज
- ऑटोमोटिव
- अपैरल मेड
- कंस्ट्रक्शन
- सिक्योरिटी
- फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स
- ट्रेवल एंड टूरिज्म
- पेशेंट केयर असिस्टेंट
- प्लंबिंग
हर साल बढ़ रही कोर्स में विद्यार्थियों की संख्या
स्कूलों में वोकेशनल कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसका मुख्य कारण रोजगार है। वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई पूरी करते ही विद्यार्थी चाहे तो स्वरोजगार शुरू कर सकता है या फिर कोर्स करके विद्यार्थी विभाग द्वारा लगाए जाने वाले प्लेसमेंट ड्राइव मेले में बड़ी कंपनियों में रोजगार हासिल कर सकता है। जिले में 2020-21 सत्र में 62 स्कूलों में 8437 विद्यार्थियों ने, सत्र 2021-22 में 68 स्कूलों में 10664 व सत्र 2022-23 में 72 स्कूलों में 11314 विद्यार्थियों ने वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई की है। सत्र 2023-24 में स्कूलों की संख्या बढ़कर 79 हो गई है जिसमें 11 हजार 169 विद्यार्थियों ने पढ़ाई की है। वहीं विभाग की ओर से लगाए गए रोजगार मेले में 2022 में 34 विद्यार्थियों ने और 2023 में 49 विद्यार्थियों ने विभिन्न कंपनियों में नौकरी पाई।
स्कूलों से मांगी है ये जानकारी
- आठवीं से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या
- वोकेशनल कोर्स शुरू करने के लिए कमरा है या नहीं
- कंप्यूटर लैब है या नहीं
- आगामी साल नौंवी में विद्यार्थियों की कितनी संख्या होगी
- स्कूल के पास में कौनसी इंडस्ट्री पड़ती है।
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जिन स्कूलों में एनएसक्यूएफ के तहत वोकेशनल कोर्स नहीं है। उन स्कूलों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। ताकि उन स्कूलों में कोर्स को शुरू किया जा सकें। - नरेंद्र सिंह शम्मी, सहायक परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान।
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प्रदेशभर में सिर्फ चार जिलों का चयन किया गया है। जिनमें और नए कोर्स शुरू किए जाने हैं। इन चार जिलोंं में सिरसा भी शामिल है। -

बूटा राम, जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान।

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