मीरपुर की पंचायती भूमि में पेड काटने के बाद तना।
सिरसा। गांव मीरपुर की पंचायती भूमि से लगभग 100 हरे पेड़ काटने के आरोप ग्रामीणों ने मौजूदा सरपंच पर लगाए है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच ने मनमानी कर गांव की पंचायती भूमि से हरे पेड़ों को कटवा दिया। वहीं सरपंच ने कहा कि वन विभाग के साथ अनुबंध कर पेड़ों को कटवाया गया है।
ग्रामीण सुरेंद्र कंबोज, सुरजीत कुमार, अर्श कुमार, जंगीर चंद, अमीर चंद व विजय कुमार ने कहा कि सरपंच ने अपनी मनमानी के चलते पंचायती भूमि में से 100 पेड़ कटवा दिए हैं। ग्रामीणों ने सरपंच पर आरोप लगाए कि बिना किसी पंचायत व बिना मुनादी के हरे पेडाें को काटा है। जिसके लिए सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। ग्रामीणों ने सरपंच पर सस्ते दामों पर पेड़ों को कटवाने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों ने सीएम विंडो पर दी शिकायत
ग्रामीणों ने कहा कि हैरानी की बात है कि जब सरकार ने सालों पुराने पेड़ों को लेकर पेंशन की घोषणा की हुई है। वहीं मीरपुर पंचायत का सरपंच हरे पेड़ों को कटवा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत विभाग सुनवाई करने को तैयार नहीं है। जिसके बाद इसकी शिकायत सीएम विंडो को भेजी है। वहीं उन्होंने बताया कि इस बारे में उपायुक्त से मिलेंगे।
वन विभाग व पंचायत की सहमति से गांव की पंचायती भूमि से पेड़ों को कटवाया गया है। पेड़ों से गांव वालों को नुकसान पहुंचता था। इसकी बोली न करवाकर सीधा हरियाणा वन विकास निगम को प्रस्ताव भेजकर कटवाया है। लगभग 50 हजार रुपये वन विभाग ने एस्टीमेट बनाकर पेड़ काटे हैं।
- वेद प्रकाश, सरपंच मीरपुर।
गांव मीरपुर से पेड़ काटने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर पेड़ काटे गए हैं तो विभाग के पास कोई पत्र जरूर आया होगा। तभी पेड़ काटे गए हैं। -
राजेश कुमार, डीएफओ सिरसा।