सिरसा। जिले में करीब 2 लाख 55 हजार राशन कार्ड धारक हैं। इनमें से 12 प्रतिशत गरीब परिवार जनवरी माह में राशन से वंचित रह गए। इनमें से सात ऐसे बड़े गांव हैं जिनमें सिर्फ 45 फीसदी परिवारों को ही राशन मिल पाया। इसका मुख्य कारण डिपो धारकों की हड़ताल रही।
जनवरी में डिपो धारकों की हड़ताल के चलते 25 दिन तक जरूरतमंद परिवारों को राशन ही उपलब्ध नहीं हो पाया। जब तक हड़ताल समाप्त होती तब तक माह समाप्त होने में 6 दिन ही बचे थे। सर्वर समस्या और अन्य कारणों के ढाई लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को राशन वितरण करना समस्या बन गया। फिर भी डिपो धारकों ने उपभोक्ताओं को राशन वितरण किया। इस पूरी प्रक्रिया में जिले में करीब 12 प्रतिशत लोग राशन लेने से वंचित रह गए। कई गांव में 25 से 30 प्रतिशत गरीब परिवारों को राशन नहीं मिला। हालांकि आधिकारिक रूप से इस बारे में अधिकारियों की तरफ जानकारी नहीं मिल पाई है।
इन सात गांवों में कम हुआ राशन वितरण
जिले में राशन वितरण करने के लिए 502 डिपो धारक हैं। जिले के गांव झोरड़ानाली, मंगाला, बेगू, मोडियाखेड़ा, टीटू खेड़ा, माधोसिंघाना व भंभूर में 45 फीसदी जरूरतमंदों को राशन वितरण नहीं हो पाया। अब फरवरी माह का मिलने वाले गेहूं राशन डिपो पर पहुंचने लगा है। इसके बाद बाजरा आना शुरू होगा और अगले चरण में यानी 10 फरवरी तक चीनी व सरसों का तेल भी पहुंच जाएगा। इसके बाद इसका वितरण किया जाएगा।
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हड़ताल के चलते राशन वितरण कार्य प्रभावित हुआ। हालांकि सर्वर समस्या और हड़ताल के बाद 88 फीसदी राशन वितरित हुआ है। सात बड़े गांव ऐसे हैं जिनमें वितरण कार्य मात्र 45 फीसदी तक ही हो पाया। -
अमरजीत कंबोज, राशन डिपो, एसोसिएशन प्रधान