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मेहनत के बूते मिलनप्रीत ने छू लिया आसमान

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भीम अवॉर्ड के साथ खिलाड़ी मिलनप्रीत - फोटो : Sirsa
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सिरसा। खेलों की दुनिया में जिले की मिलनप्रीत ने काफी नाम कमाया है। गांव नकौड़ा निवासी मिलनप्रीत एक मध्यवर्गीय परिवार से आती है। रोलर स्केटिंग हॉकी में नाम कमा चुकी मिलनप्रीत ने बताया कि फिलहाल वह भडोल्यांवाली राजकीय स्कूल में डीपी के पद पर कार्यरत हैं और नेशनल रेफरी के तौर पर काम कर रही हैं।
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मिलनप्रीत ऐसे ही मिलनप्रीत नहीं बनी। इसके लिए उन्होंने बंदिशों के बीच अपने मुकाम को हासिल किया। उनकी मेहनत को सफल बनाने में सहारा मिला उनको अपने पिता और परिजनों का। मिलनप्रीत ने बताया कि यह खेल काफी महंगा है। इस खेल के दौरान कोच की फीस, खेल के लिए उपकरण व डाइट महंगी होती है। जिसका खर्चा वहन करने के लिए पिता को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पिता डॉ. हरभजन सिंह नकौड़ा गांव में ही एक मेडिकल क्लीनिक चलाते हैं। उनके सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने पूरी मेहनत की। पिता हरभजन भी अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने अपनी बेटी की प्रतिभा को पहचाना और उसे खेलने के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया।
12 साल की उम्र में हाथ में थामी स्टिक
मिलनप्रीत ने बताया कि इस खेल में एंट्री करने से पहले अपने आपको तैयार किया। 12 साल की उम्र में जब शाह सतनाम गर्ल्ज स्कूल में दाखिला लिया और स्टिक थामी तो यह सफर उन्हें भीम अवॉर्ड तक ले गया। प्रदेश सरकार ने उनकी उपलब्धियों को देखते हुए 2014 में भीम अवॉर्ड से नवाजा। वर्तमान में भी वे फिलहाल इस खेल की सेवा कर रही हैं। राजकीय स्कूल में डीपी के पद पर कार्यरत होने के साथ ही वे मैचों में रेफरी की भूमिका भी निभातीं हैं। वहीं उनके पति डीएवी स्कूल में डीपी के पद पर कार्यरत हैं। वो भी फुटबॉल के अच्छे खिलाड़ी रहे हैं।
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जब घुटने की इंजरी ने किया परेशान
मिलनप्रीत के जीवन में 2010 में एक बार ऐसा समय भी आया जब घुटने की इंजरी ने उन्हें इस खेल से दूर कर दिया। लेकिन अपने जज्बे और पिता हरभजन द्वारा दी गई हिम्मत से फिर से उठ खड़ी हुईं और तीन बार से एशियन व 4 बार नेशनल खेलों में भाग लिया। अब मिलनप्रीत भडोल्यांवाली के राजकीय स्कूल में डीपी के पद पर कार्यरत हैं और वहां बच्चों की प्रतिभा को निखारने का काम कर रही हैं।
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ऐसे रहा खेलों का सफर
12 नेशनल- 2003 से 2014 तक
6 एशियन- 2007, 2009, 2010, 2011, 2012, 2014
4 वर्ल्ड कप- 2006, 2009, 20011, 2012
भीम अवॉर्ड मिला 2014 में
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