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बैठक में निर्णय, लाई डिटेक्टर करवाएंगे झूठ-सच की जांच

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देसू गुरुद्वारा में फैसला पढ़कर सुनाते कमेटी सदस्य। संवाद - फोटो : Sirsa
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रोड़ी (सिरसा)। गांव देसू खुर्द के गुरुद्वारा में बुधवार को हुई बैठक में एक सेवादार की कथित हरकत के मामले को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान निर्णय लिया गया कि आरोपी पर लगे इल्जाम की लाई डिटेक्टर मशीन से जांच कराई जाएगी, ताकि झूठ-सच का पता चल सके। अगर इसमें कुंदन सिंह दोषी पाया जाता है तो उसे गुरुद्वारा से बाहर किया जाएगा। आरोप लगाने वालों की बातों में सच्चाई नहीं हुई तो उन्हें माफी मांगनी पड़ेगी।
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बुधवार को फग्गू गुरुद्वारा में प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह खालसा, किसान नेता लखविंदर सिंह औलख व सिरसा गुरुद्वारा के प्रधान प्रकाश सिंह साहुवाला की अगुवाई में बैठक में सेवादार प्रकरण को लेकर सदस्यों ने विचार विमर्श किया। बैठक में निर्णय लिया कि पूरी अनुमति व नियमानुसार तीनों शिकायतकर्ता युवकों एवं सेवादार कुंदन सिंह को कमरे में आमने-सामने बैठाकर वीडियोग्राफी के साथ लाइ डिटेक्टर मशीन द्वारा जांच करवाई जाएगी। फग्गू में बैठक के बाद कुछ लोग देसू खुर्द गुरुद्वारा की तरफ निकल पड़े। इस पर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। गुरुद्वारा के आसपास पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। इस दौरान डीएसपी यादराम, रोड़ी थाना प्रभारी कृष्ण कुमार, कालांवाली थाना प्रभारी चांद सिंह, ओढां थाना प्रभारी कर्ण सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। लोगों ने गुरुद्वारा में पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से अरदास करवाकर लिया गया फैसला सभी को सुनाया, जिस पर सभी ने सहमति जाहिर की। इसके बाद सभी लोग लौट गए।
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कमेटी ने ली व्यवस्था हाथों में
गठित की गई 11 सदस्यीय कमेटी ने देसू खुर्द गुरुद्वारा की देखरेख अपने हाथों में ले ली है। बुधवार से ही गुरुद्वारा की पूरी व्यवस्था उक्त कमेटी संभालेगी। जब तक ये मामला पूरी तरह से निपट नहीं जाता तब तक ये कमेटी अस्थायी तौर पर व्यवस्था संभालेगी। इस कमेटी में सात लोग गांव देसू खुर्द से, 2 गांव थिराज व 2 लोग गांव फग्गू से शामिल किए गए हैं। वहीं, इस मामले में कमेटी सदस्यों, सेवादार कुंदन सिंह व आरोप लगाने वाले तीनों युवकों से बात करनी चाही, तो उन्होंने किसी तरह की कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। कमेटी के एक सदस्य ने कहा कि कालांवाली बैठक में उन्हें मीडिया के सामने मुंह खोलने से मना किया गया है।
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