हरियाणा के सिरसा में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने साढ़े 11 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी ताऊ को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व एक लाख 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इस मामले में महिला थाना पुलिस ने अगस्त 2020 को अभियोग दर्ज किया था।
पुलिस को दिए बयान में रानियां थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित नाबालिग ने बताया था कि वह सातवीं कक्षा में पढ़ती है। उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह अपनी मां के साथ दादा-दादी के पास रहती है। पीड़िता ने आगे बताया कि 8 महीने पहले उसकी ताई ताऊ के साथ झगड़ा करके अपने बच्चे को लेकर मायके चली गई थी। ताऊ शराब पीता है। 22 जून 2020 को उसकी मां व दादी पशुओं के बाड़े में गई थी और वह घर पर अकेली थी।
इसी दौरान ताऊ उसके घर गया। ताऊ ने उसे बुलाकर कहा कि हम गेम खेलते हैं। पीड़िता का कहना है कि इसके बाद ताऊ ने उसके साथ दुष्कर्म किया और धमकी दी कि अगर तूने ये बात किसी को बताई तो तुझे सुबह से शाम तक ट्यूशन वाली मैडम के पास भेज दूंगा। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि उसे पढ़ाई से डर लगता था इसलिए उसने ये बात मां को नहीं बताई।
इस घटना के दो माह बाद यानी 21 अगस्त 2020 को एक बार फिर ताऊ ने उसे बुलाया और कहा कि आज फिर से गेम खेलते हैं। इसके बाद पीड़िता वहां से भाग गई और अपनी मां को सारी बात बता दी। इसके बाद मां उसे ननिहाल लेकर आ गई और उसे लेकर महिला पुलिस थाने पहुंची। पुलिस ने पीड़ित नाबालिग का बयान दर्ज करके आरोपी ताऊ के खिलाफ अभियोग दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने ताऊ को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी।
दोषी ने जज से लगाई थी नरमी की गुहार
न्यायालय के फैसले से पहले दोषी ने न्यायाधीश प्रवीण कुमार से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई थी। दोषी ने न्यायाधीश से कहा कि उसके घर में कमाने वाला इकलौता वही है। उसकी मां काफी बुजुर्ग है और वही उसका एक मात्र सहारा है। इसके बाद न्यायाधीश ने कहा कि तुमने जिस प्रकार का घिनौना कृत्य किया है उसमें नरमी की कोई गुंजाइश नहीं। ताऊ का रिश्ता पिता समान होता है। पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक संदेश जाए और भविष्य में कोई इस प्रकार का घिनौना कृत्य न करे।