सिरसा। स्वच्छता सर्वेक्षण का केंद्र सरकार ने स्वरूप बदल दिया है। अब सर्वे अलग तरीके होगा। जहां एक ओर सर्वेक्षण कंप्यूटर से किया जाएगा वहीं दूसरी ओर इस बार अंक भी बढ़ा दिए गए हैं। नये वर्ष के सर्वे में टीकाकरण, पीपीई किट और मास्क व अन्य सुरक्षा के संसाधनों के प्रबंध भी जांचे जाएंगे। इतना ही नहीं डिजिटल ट्रैकिंग व सफाई सुरक्षा मित्र के ऑप्शन को भी शामिल किया गया है।
केंद्र सरकार की ओर से पिछले वर्ष करवाए गए स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 का परिणाम भी अभी तक घोषित नहीं किया जा सका है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम शुरू किया था। उस समय देश के 73 शहरों को सर्वे में शामिल किया गया था। मगर 2021 में किए गए सर्वे में 4320 शहरों की स्वच्छता को जांचा गया था।
2250 अंक का होगा सर्टिफिकेशन
इस वर्ग के 2250 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत स्टार रेटिंग, ओडीएफ प्लस-प्लस व वाटर प्लस-प्लस को शामिल किया गया है। स्टार रेटिंग के 1250 अंक और ओडीएफ प्लस-प्लस व वाटर प्लस-प्लस के 1000 अंक रहेंगे। इसके अलावा सिटीजन फीडबैक के भी 2250 अंक रखे गए हैं। इसके तहत छह विभिन्न चैनलों के माध्यम से सिटीजन फीडबैक के 600 अंक रहेंगे, जिसमें स्वच्छता एप, 1969, क्यूआर कोड, वोट फार यूअर सिटी व फेस टू फेस फीडबैक शामिल है। सिटीजन जागरूकता अभियान के 160 अंक हैं। बेस्ट प्रेक्टिस इनोवेशन के 150, स्वच्छता एप के 400 व सफाई सुरक्षा मित्र के 375 अंक निर्धारित किए गए हैं। सर्विस लेवल प्रोग्रेस इस वर्ग के 3000 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें सेग्रीगेशन के 900 अंक, सस्टेनेबल के 900 अंक व डिस्पोजल के 1200 अंक रहेंगे।
इस बार तीन स्तर पर होगा सर्वेक्षण
सर्विस लेवल प्रोग्रेस-पहले इस वर्ग के 2000 अंक रखे गए थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 3000 कर दिया है। पहले सस्टेनेबल सैनिटेशन के 600, सेग्रीगेटिड कलेक्शन के 600 और प्रोसेसिंग व डिस्पोजल के 800 अंक थे। वहीं अब सस्टेनेबल सैनिटेशन व सफाई सुरक्षा मित्र के 900 व सेग्रीगेटिड कलेक्शन के 900 अंक और प्रोसेसिंग व डिस्पोजल के 1200 अंक निर्धारित किए गए हैं। मतलब अब डोर टू डोर कचरा उठाने से लेकर उसे अलग-अलग करना व उसके निपटान करने पर अधिक जोर रहेगा। इसका तीन फेज में असेसमेंट किया जाएगा। पहला असेसमेंट जुलाई-अगस्त (400 अंक), दूसरा सितंबर-अक्तूबर (600) व तीसरा असेसमेंट नवंबर से जनवरी (2000 अंक) तक होगा। ये रिपोर्ट सभी आनलाइन भेजनी होंगी। सर्टिफिकेशन वर्ग के तहत पहले 1800 अंक थे, जो अब 2250 कर दिए गए हैं।
पिछले वर्षों की रैंकिंग
2019- 176
2018 - 270
2017 -294